खेती बर्बाद और बच्चे असुरक्षित: चंदौली के धानापुर में बंदरों का हमला बढ़ा, नाराज ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

 

चंदौली के धानापुर स्थित वीरासराय गांव में बंदरों के बढ़ते हमलों से त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फसलों की बर्बादी और महिलाओं-बच्चों पर होते हमलों से नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।

 
 

धानापुर के वीरासराय में बंदरों का भारी आतंक

घरों में घुसकर सामान उठा रहे हैं बंदर

किसानों की मेहनत और फसलें हो रही बर्बाद

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन

उग्र आंदोलन की दी गई कड़ी चेतावनी

चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड अंतर्गत वीरासराय गांव में शनिवार को बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। लंबे समय से इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे ग्रामीणों की जब सुनवाई नहीं हुई, तो उनका गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। गांव के शिव मंदिर प्रांगण में एकत्र होकर दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।

घरों से लेकर खेतों तक बंदरों का कब्जा
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गामा बिन्द के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से गांव में बंदरों की संख्या और उनका हिंसक व्यवहार लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर न केवल छतों पर कब्जा जमाए हुए हैं, बल्कि अब वे घरों के भीतर घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जा रहे हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि ये बंदर छोटे बच्चों और महिलाओं को निशाना बना रहे हैं, जिससे गांव में भय का माहौल व्याप्त है।

किसानों को हो रहा है भारी आर्थिक नुकसान
बंदरों के इस आतंक की मार खेती-किसानी पर भी पड़ रही है। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि बंदरों के झुंड खेतों में लगी फसलों को बुरी तरह रौंद और बर्बाद कर रहे हैं। रात-दिन की मेहनत से उगाई गई फसलें आंखों के सामने नष्ट हो रही हैं, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

समस्या हल नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार पासवान, सिमरत बिन, राकेश मौर्य, राजेंद्र, अमित पासवान, जितेंद्र, योगेंद्र यादव, मनोज कुमार, जनता, चित्रगुप्त मौर्य, शुभ मुहूर्त सिंह, भूटान, राजेश राम और वीरेंद्र खरवार सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि वन विभाग और जिला प्रशासन जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था करे। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।