सकलडीहा उपकेंद्र में जलभराव से बिजली संकट, 400 गांव प्रभावित होने का खतरा
 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उपकेंद्र की बाउंड्री समय रहते बनाई जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
 

सकलडीहा उपकेंद्र परिसर झील में तब्दील

ईटवा गांव के खेतों से उपकेंद्र में घुसा पानी

400 गांवों की बिजली आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट

एसडीओ बोले- पंपिंग से निकासी की कोशिश जारी

चंदौली जिले के सकलडीहा बिजली उपकेंद्र में जलभराव ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। एक सप्ताह से लगातार सकलडीहा रजवाहे का पानी ईटवा गांव के खेतों से होकर उपकेंद्र परिसर में घुस गया है। बाउंड्री न होने के कारण पूरा उपकेंद्र झील में तब्दील हो गया है, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों को उपकेंद्र तक पहुंचने में भी मुश्किल हो रही है।

आपको बता दें कि स्विच यार्ड तक पानी पहुंचने से करंट उतरने और शॉर्ट सर्किट का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यदि समय रहते जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो लगभग 400 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यह उपकेंद्र तहसील फीडर, टाउन और आसपास के ग्रामीण अंचल की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।

स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि कई दिनों से समस्या बनी हुई है लेकिन उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर पर्याप्त रूप से नहीं गया। नमी और जलभराव के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था खतरे में है।

बताते चलें कि सकलडीहा उपकेंद्र की देखरेख कर रहे अमड़ा सब डिविजन के जूनियर इंजीनियर और अतिरिक्त प्रभारी को बार-बार अवगत कराने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। एसडीओ सियाराम यादव ने बताया कि पानी निकासी के लिए पंपिंग का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन रजवाहे का पानी लगातार आने से समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उपकेंद्र की बाउंड्री समय रहते बनाई जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अब खतरा यह है कि कभी भी बड़ा शॉर्ट सर्किट होकर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ सकती है।