बारिश का कहर जारी: सकलडीहा में तहसील से बिजली उपकेंद्र तक पानी-पानी, उपजाऊ जमीनों का कटान तेज

 

चंदौली में छह दिनों की बारिश से गंगा का जलस्तर 67.75 मीटर पर स्थिर है, लेकिन सकलडीहा में तहसील, बिजली उपकेंद्र व इंटर कॉलेज जलमग्न हैं। धानापुर में गंगा से उपजाऊ जमीन कट रही है और किसान परेशान हैं।

 
 

सकलडीहा में चार दिन से जलभराव

बिजली उपकेंद्र व तहसील मार्ग जलमग्न

धानापुर में गंगा से कटान शुरू

पुलिया जाम से गांवों में पानी

सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबी

चंदौली जिले में बीते छह दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालांकि, गंगा नदी का जलस्तर 67.75 मीटर पर स्थिर होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन पहाड़ी नदियों का पानी बढ़ने से तटीय इलाकों के लोग दहशत में हैं। चकिया, चंदौली और सकलडीहा तहसील के इलाकों में भारी बारिश के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। शुक्रवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे लोग उमस से भी परेशान दिखे।

सकलडीहा में चार दिन से तहसील और बिजली उपकेंद्र जलमग्न
सकलडीहा कस्बे में बीते चार दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश का पानी अब तक जमा है। तहसील परिसर से लेकर सीओ कार्यालय, सकलडीहा पीजी कॉलेज, अनुसूचित छात्रावास और तहसील मार्ग पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। सकलडीहा इंटर कॉलेज का खेल मैदान लबालब भरा हुआ है। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग घरों व दुकानों से जनरेटर और टुल्लू पंप लगाकर पानी निकालने को मजबूर हैं।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा 
सकलडीहा स्थित बिजली उपकेंद्र और बिजली थाना परिसर भी झील में तब्दील हो गए हैं। एसडीओ सियाराम यादव ने बताया कि स्विच यार्ड में पानी जमा होने के कारण बिजली आपूर्ति का संचालन करने में कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।

पुलिया जाम होने से गांवों में घुसा पानी
सकलडीहा कस्बे में हाईवे का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था की घोर लापरवाही सामने आई है। नाली व पुलिया जाम होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके कारण सकलडीहा, तिमिलपुर और नागेपुर गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा खडेहरा, रिश्ती, जलालपुर, ईटवा और मनिहरा सहित कई गांवों में पानी भर जाने से सैकड़ों एकड़ फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। परेशान किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

धानापुर में गंगा नदी ने शुरू किया उपजाऊ जमीन का कटान
दूसरी ओर, धानापुर क्षेत्र में गंगा नदी भले ही धीरे-धीरे घट रही हो, लेकिन अब उसने किनारों की उपजाऊ जमीन को काटना शुरू कर दिया है। हिंगुतरगढ़, बुद्धपुर और नौघरा गांव के किसानों की 50 बीघे से ज्यादा उपजाऊ खेती की जमीन गंगा के पेट में समा चुकी है। महुंजी, जिगना, बयानपुर, प्रहलादपुर, गुरैनी, कबलपुरा, सोनहुली, नगवां, मेढ़वा, अमादपुर, मिश्रपुरा, महमदपुर, नरौली, रायपुर, प्रस‍हटा, रामपुर दीयां और सहेपुर समेत दर्जनों गांवों के किसान इस भीषण कटान से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। खेत कटने के बाद अब रिहायशी मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।