कब व कैसे होगी माइनर व रजवाहों की सफाई, कब मिलेगा किसानों के सिंचाई का पूरा पानी
झाड़-झंखाड़ से पटी माइनर
आधा दर्जन गांवों की सिंचाई संकट में
धीर रजवाहा से निकलने वाली माइनर का हाल है बुरा
चंदौली जिले के धीना क्षेत्र की चिलबिली माइनर (सिंचाई नहर) की बदहाली से आधा दर्जन गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। माइनर पूरी तरह से झाड़-झंखाड़ और मलबे से अटी पड़ी है, जिससे रबी की फसल के लिए सिंचाई का संकट गहरा गया है।
किसानों की बढ़ी परेशानी
धीर रजवाहा से निकलने वाली यह माइनर गोपालपुर, सेवखरी, मोहनभिट्टी, बैरी और चिलबिली जैसे गांवों की सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। गोपालपुर गांव के किसान सतेन्द्र यादव और शम्भु यादव ने बताया कि इस माइनर से लगभग 300 एकड़ भूमि सींची जाती है, लेकिन इसकी सफाई न होने से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही सफाई नहीं कराई गई, तो धान की फसल को समय से पानी नहीं मिल पाएगा और गेहूं की बुवाई में भी देरी होगी, जिससे रबी की फसल बुरी तरह प्रभावित होगी।
सिंचाई विभाग का जवाब
जब इस मामले में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता चंद्रप्रभा मनीष कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि माइनर की सफाई रबी की फसल के समय कराई जाएगी। हालांकि, किसानों का कहना है कि तब तक बहुत देर हो जाएगी। उन्होंने तत्काल सफाई कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि उनकी धान की फसल को बचाया जा सके और समय पर गेहूं की बुवाई भी हो सके।