चंदौली में ग्राम प्रधानों पर कसेगा शिकंजा: 500 से अधिक प्रधानों की खुलेगी ऑडिट फाइल, होगी रिकवरी
चंदौली में 500 से अधिक ग्राम प्रधानों के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा खुलने वाला है। वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑडिट और वसूली की तैयारी तेज कर दी है। दोषी पाए जाने पर चुनाव लड़ने का सपना टूट सकता है।
734 में से 500 प्रधानों की ऑडिट जांच
वित्तीय हेराफेरी पर वसूली की कड़ी कार्रवाई
दोषी प्रधानों को नहीं मिलेगा एनओसी (NOC)
26 मई को समाप्त हो रहा कार्यकाल
बिना स्थलीय निरीक्षण भुगतान पर पूर्ण रोक
चंदौली जिले में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही ग्रामीण राजनीति के समीकरण बदलने लगे हैं। चंदौली जनपद में ग्राम प्रधानों के कामकाज और वित्तीय प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों और ऑडिट विभाग की प्रारंभिक रिपोर्टों को आधार बनाकर प्रशासन ने जनपद के 734 निर्वाचित प्रधानों में से 500 से अधिक प्रधानों की ऑडिट फाइलें दोबारा खोलने का निर्णय लिया है।
वित्तीय अनियमितताओं पर प्रशासन की कड़ी चोट
पिछले चार महीनों के दौरान जिले के विभिन्न ब्लॉकों से 30 ग्राम प्रधानों के विरुद्ध वित्तीय हेराफेरी और विकास कार्यों में धांधली की गंभीर शिकायतें मिली थीं। जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच के आदेश दिए हैं। अब तक की कार्रवाई में तीन प्रधानों से गबन की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि एक प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज (जब्त) कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि को बख्शा नहीं जाएगा।
चुनाव लड़ने की राह में 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' का रोड़ा
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) नीरज सिन्हा ने आगामी पंचायत चुनाव को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि जिन प्रधानों के खिलाफ वित्तीय विचलन पाया गया है, उन्हें नोटिस जारी कर गबन की गई राशि सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया गया है। यदि संबंधित प्रधान समय सीमा के भीतर धनराशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके नाम की सूची सीधे निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) को भेज दी जाएगी। ऐसी स्थिति में, चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (NOC) उन्हें नहीं मिल पाएगा, जिससे वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो सकते हैं।
सचिवों को सख्त चेतावनी: बिना निरीक्षण नहीं होगा भुगतान
प्रधानों का वर्तमान कार्यकाल आगामी 26 मई को समाप्त होने जा रहा है। जैसे-जैसे यह तिथि करीब आ रही है, वैसे-वैसे प्रधानों द्वारा आनंद-फानन में भुगतान कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसे रोकने के लिए डीपीआरओ ने जिले के सभी पंचायत सचिवों की आपात बैठक बुलाई। सचिवों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी परियोजना का भुगतान तब तक न किया जाए जब तक उसका स्थलीय निरीक्षण (Physical Verification) न हो जाए। बिना कार्य के या फर्जी मस्टररोल के आधार पर भुगतान करने वाले सचिवों के विरुद्ध भी विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
30 प्रधानों के विरुद्ध गहन जांच
चंदौली जनपद में कुल 734 निर्वाचित ग्राम प्रधान हैं, जिनमें से 500 से अधिक अब जांच के दायरे में हैं। वर्तमान में 30 प्रधानों के विरुद्ध गहन जांच चल रही है, जबकि 4 गांवों के प्रधानों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि इन प्रधानों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो उनके अधिकार सीज करने की फाइल भी जल्द ही जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से उन प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है जिन्होंने विकास कार्यों में लापरवाही या वित्तीय अनियमितता की है।