चंदौली के लाल ने बढ़ाया मान, बहोरिपुर के अभिषेक पाण्डेय भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
चंदौली के बहोरिपुर गांव के अभिषेक पाण्डेय ने एनडीए परीक्षा पास कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इतिहास रच दिया है। सूबेदार पिता के इस होनहार बेटे की कामयाबी से पूरे इलाके में जश्न का माहौल है।
बहोरिपुर गांव के अभिषेक बने लेफ्टिनेंट
सूबेदार पिता के बेटे ने रचा इतिहास
एनडीए परीक्षा और कठिन ट्रेनिंग की पूरी
घर पर बधाई देने वालों का तांता
इलाके के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
चंदौली जिले के बहोरिपुर गांव के एक होनहार युवा ने बड़ा कमाल कर दिया है। यहाँ के रहने वाले अभिषेक पाण्डेय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। जैसे ही अभिषेक के लेफ्टिनेंट बनने की आधिकारिक खबर गांव पहुंची, वैसे ही हर तरफ खुशी और जश्न का माहौल हो गया।
घर पर लगा बधाई देने वालों का तांता
अभिषेक की इस शानदार कामयाबी से उनके परिवार और गांव में हर कोई फूले नहीं समा रहा है। उनके घर पर बधाई देने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। रिश्तेदार, पड़ोसी और आस-पास के ग्रामीण लगातार अभिषेक के घर पहुंचकर परिवार वालों को मिठाई खिला रहे हैं और अपनी शुभकामनाएं दे रहे हैं।
रगों में दौड़ता है देश सेवा का जज्बा
आपको बता दें कि अभिषेक पाण्डेय का परिवार कोई आम परिवार नहीं है, बल्कि इनके घर में सेना की एक गौरवशाली परंपरा रही है। अभिषेक के दादा वकील पाण्डेय के दोनों बेटों ने भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा की है। वहीं अभिषेक के पिता श्रीधर पाण्डेय खुद भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हुए हैं।
पिता से मिली कड़े अनुशासन की सीख
बचपन से ही अभिषेक अपने पिता और चाचा को सेना की वर्दी में देखते आ रहे थे, इसलिए उनका भी एक ही सपना था कि वे देश की रक्षा करें। अपने सूबेदार पिता की प्रेरणा, कड़े अनुशासन और अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत के दम पर अभिषेक ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा पास की और कठिन सैन्य ट्रेनिंग को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
इलाके के युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
सफलतापूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब अभिषेक को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिल गई है। गांव के लोगों का कहना है कि अभिषेक ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में सच्ची लगन और अनुशासन हो, तो किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा चंदौली जिला अपने इस बेटे पर गर्व महसूस कर रहा है।