..इसलिए भाजपा प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं अधिवक्ता, दोनों बार के लोगों ने खोला मोर्चा
 

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने न्यायालय भवन निर्माण के आंदोलन दौरान सांसद और केंद्रीय मंत्री रहते हुए अधिवक्ताओं का कोई सहयोग नहीं किया है।
 

चंदौली लोकसभा का चुनाव

न्यायालय निर्माण में सहयोग न करने का आरोप

डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय का खुलकर विरोध करने का फैसला

चंदौली जनपद के लोकसभा चुनाव में जिले के अधिवक्ता भारतीय जनता पार्टी की ओर झुकते नहीं दिखाई दे रहे हैं। चंदौली जिला मुख्यालय की कचहरी के अधिवक्ता भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय के खिलाफ मौर्चा खोल रहे हैं। इसीलिए शुक्रवार को कचहरी परिसर में संयुक्त बार के अधिवक्ताओं ने एक साथ बैठकर प्रदर्शन किया और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय के खिलाफ विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की।

 इस दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने न्यायालय भवन निर्माण के आंदोलन दौरान सांसद और केंद्रीय मंत्री रहते हुए अधिवक्ताओं का कोई सहयोग नहीं किया है। इसलिए चुनाव में अधिवक्ता उनके विरोध में खड़े हैं।
इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चंद्रभानु सिंह ने बताया कि चंदौली जिला का गठन होने के 27 साल बाद भी आज तक न्यायालय भवन नहीं बन पाने का प्रमुख कारण राजनेताओं की अनदेखी रही है। इसके लिए अधिवक्ताओं ने कई बार आंदोलन किया लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि में अधिवक्ताओं का साथ नहीं दिया।

डेमोक्रटिक बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता जन्मेजय सिंह ने कहा कि न्यायालय भवन निर्माण के लिए आंदोलन करने के साथ-साथ वह पैदल यात्रा करते हुए लखनऊ और नई दिल्ली तक गए, लेकिन इस दौरान चंदौली के सांसद डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने हम लोगों का कोई सहयोग नहीं किया है। उनके सांसद रहते जिले की स्थिति पहले से ज्यादा बदहाल होती जा रही है।

अधिवक्ताओं ने सांसद महेंद्र नाथ पांडेय पर चंदौली पॉलिटेक्निक कॉलेज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आज पंडित कमलापति त्रिपाठी की विरासत कहा जाने वाले चंदौली पॉलिटेक्निक का हाल देख लीजिए, क्या से क्या हो गया है। चंदौली जिला मुख्यालय पर रुकने वाली ट्रेनों की स्थिति भी आप देख लीजिए, जिससे पता चल जाएगा कि चंदौली सांसद यहां के लोगों के लिए कितने एक्टिव हैं। यह सब जानने के बावजूद कुछ लोग उनका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं ने यह फैसला लिया है कि वह सांसद का विरोध करते रहेंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं में ट्विंकल सिंह, इमरान सिद्दीकी समेत अन्य कई अधिवक्तागण शामिल थे।