संविधान निर्माता को नमन: चंदौली में गूँजा 'जय भीम' का उद्घोष, बाबा साहब की जयंती पर भव्य कार्यक्रमों की धूम

चंदौली जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। बिछिया कला स्थित बौद्ध विहार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहब के संघर्षों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

 
 

संविधान निर्माता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

बिछिया कला बौद्ध विहार में भव्य आयोजन

शिक्षित और संगठित रहने का दिया संदेश

बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने की अपील

चंदौली जिले में  भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण तरीके से मनाई गई। जिले के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बाबा साहब के जयकारों की गूँज सुनाई दी। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों और अनुयायियों द्वारा भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं और संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।

बिछिया कला बौद्ध विहार में मुख्य आयोजन
जिला मुख्यालय स्थित बिछिया कला के बौद्ध विहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान वातावरण 'जय भीम' के नारों से सराबोर हो उठा। उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहब को एक महान समाज सुधारक और विधिवेत्ता बताते हुए उनके द्वारा देश के लिए किए गए बलिदानों को याद किया।

संविधान: हर भारतीय का सुरक्षा कवच
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के रूप में प्रत्येक नागरिक को एक ऐसा सुरक्षा कवच प्रदान किया है, जो स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने छुआछूत के उन्मूलन और सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना के लिए जो मार्ग दिखाया, वह आज भी विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके द्वारा रचित अनुच्छेद 32 को 'संविधान की आत्मा' के रूप में याद किया गया, जिसने शोषितों को उनके हक की रक्षा का अधिकार दिया।

शिक्षा और एकजुटता पर जोर
कार्यक्रम में बाबा साहब के अमर संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने अपील की कि समाज के पिछड़े वर्गों को शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाना चाहिए। जब समाज शिक्षित होगा, तभी वह संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकेगा।

इस अवसर पर श्रवण कुमार, अवधेश, उमाकांत कन्नौजिया, रमाशंकर मौर्य, शिवपूजन मौर्य, अंकित मौर्य, अरुण कुमार मौर्य, संजय मौर्य, राजमोहन मौर्य, रामविलाश मौर्य, उदय नारायण मौर्य, प्रद्दुम्न सिंह मौर्य, छबीनाथ मौर्य, शिवलाल चौधरी और चन्द्रशेखर मौर्य समेत भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।