किसानों को समझाा जा रहा है यूरिया का विकल्प, अमोनियम सल्फेट से होंगे कई तरह के फायदे..जानिए कैसे
यूरिया की कमी में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद
अमोनियम सल्फेट बनेगा यूरिया का स्थायी विकल्प
किसानों के लिए सरकार और विशेषज्ञों की सलाह
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव भी कर रहे हैं पैरवी
प्रदेश में यूरिया की भारी मांग और कम आपूर्ति के बीच, कृषि विभाग ने किसानों को यूरिया के स्थान पर अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulphate) के प्रयोग के लिए जागरूक किया है। यह उर्वरक न केवल नाइट्रोजन की पूर्ति करता है, बल्कि सल्फर की पर्याप्त मात्रा भी प्रदान करता है, जो मिट्टी और फसल दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिया की तुलना में अमोनियम सल्फेट अधिक स्थायी है और बरसात में भी नष्ट नहीं होता।
अमोनियम सल्फेट के प्रमुख लाभ:
- स्थायी नाइट्रोजन स्रोत: इसमें 20.5 प्रतिशत अमोनिकल नाइट्रोजन पाया जाता है, जो धीरे-धीरे पौधों को उपलब्ध होती है। इससे फसल लंबे समय तक पोषित रहती है और उत्पादन में सुधार होता है।
- सल्फर की पूर्ति: अमोनियम सल्फेट में 23 प्रतिशत सल्फर पाया जाता है। सल्फर मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद करता है और फसल के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। किसान को अलग से सल्फर खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
- मृदा स्वास्थ्य में सुधार: इस उर्वरक के प्रयोग से मिट्टी में फास्फोरस का बेहतर उपयोग होता है, डीएपी की खपत घटती है और मृदा स्वास्थ्य सुधरता है।
- कम लागत, अधिक लाभ: अमोनियम सल्फेट से फसल की पैदावार बढ़ती है, कीटनाशक और अन्य खर्च कम होते हैं। इससे किसानों की लागत घटती है और लाभ बढ़ता है।
- बरसात में सुरक्षित: यूरिया की तुलना में यह उर्वरक अधिक स्थायी और कार्यक्षम है।
खेत में उपयोग के सुझाव:
किसान यूरिया की जगह आधी बोरी अमोनियम सल्फेट का प्रयोग कर सकते हैं। एक बोरी में लगभग 11.5 किलो सल्फर के साथ संतुलित नाइट्रोजन मौजूद होता है। इससे फसल को तुरंत और लंबे समय तक नाइट्रोजन मिलता है। विज्ञानियों का मानना है कि अमोनियम सल्फेट से न केवल फसल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मृदा की उर्वरता और स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों से अपील की है कि वे यूरिया की कमी और बढ़ती कीमत के समय अमोनियम सल्फेट का अधिक से अधिक प्रयोग करें। उनका कहना है कि यह उर्वरक न केवल फसल के लिए असरदार है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य और समग्र कृषि लाभ के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
यूरिया पर बढ़ते दबाव और आपूर्ति की समस्या को ध्यान में रखते हुए, अमोनियम सल्फेट किसानों के लिए सबसे सस्ता, स्थायी और लाभकारी विकल्प साबित हो सकता है। यह उर्वरक किसानों की लागत घटाने और फसल की पैदावार बढ़ाने में सहायक है।