चंदौली में चिकित्सा शिक्षा की नई उड़ान : बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में सत्र 2026-27 से शुरू होंगी 53 PG सीटों पर पढ़ाई
चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एमबीबीएस के बाद अब सत्र 2026-27 से यहाँ पीजी पाठ्यक्रमों की शुरुआत होने जा रही है। 53 सीटों पर प्रवेश मिलने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
सत्र 2026-27 से पीजी प्रवेश शुरू
कुल 53 सीटों पर होगा दाखिला
एमडी मेडिसिन और सर्जरी शामिल
एबीवी मेडिकल यूनिवर्सिटी से मिली मान्यता
जिले में बढ़ेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या
चंदौली जिले के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज, जिसने हाल ही में एमबीबीएस की सीटों पर सफल प्रवेश प्रक्रिया पूरी की है, अब उच्च शिक्षा यानी पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रमों की शुरुआत के लिए पूरी तरह तैयार है। कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के साझा प्रयासों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यहाँ पीजी की 53 सीटों पर दाखिले शुरू कर दिए जाएंगे।
एमबीबीएस के बाद अब विशेषज्ञता की बारी
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर अमित सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कॉलेज के संचालन को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं। शुरुआती दौर में बीएमएस की 100 सीटों पर सफलतापूर्वक प्रवेश के बाद, सत्र 2025-26 में पहली बार एमबीबीएस के 100 छात्रों ने यहाँ कदम रखा। कॉलेज के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक गुणवत्ता को देखते हुए अब पीजी पाठ्यक्रमों के लिए मान्यता की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है।
इन विषयों में मिलेगी विशेषज्ञता
सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले पीजी कोर्सेज में कुल 53 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रों को एमडी मेडिसिन, एमडी गायनी (स्त्री रोग विभाग) और एमडी सर्जरी जैसे प्रमुख विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा। इन सभी पाठ्यक्रमों को अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी से आधिकारिक मान्यता मिल चुकी है, जो इसकी प्रमाणिकता और गुणवत्ता पर मुहर लगाती है।
चंदौली बनेगा पूर्वांचल का नया मेडिकल हब
जिला प्रशासन मेडिकल कॉलेज को सशक्त बनाने के लिए लगातार सक्रिय है। नियमित बैठकों के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पीजी कोर्स शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। पीजी छात्र अपनी ट्रेनिंग के दौरान अस्पताल में सेवाएं देंगे, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय मरीजों को वाराणसी या लखनऊ नहीं भागना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे अवसर
इस खबर के बाद से जिले के अभिभावकों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज का यह विस्तार चंदौली को एक 'मेडिकल हब' के रूप में स्थापित करेगा। इससे न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज का यह अपग्रेडेशन चंदौली जैसे आकांक्षी जिले के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा की नई क्रांति का सूत्रधार बनेगा।