बेसिक शिक्षकों ने राज्यसभा सांसद को सौंपा मांग पत्र, TET से मुक्ति की रखी मांग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षकों में रोष
प्रदेश के चार लाख और देशभर के चालीस लाख शिक्षक प्रभावित
राज्यसभा सांसद साधना सिंह को सौंपा गया मांग पत्र
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट की मांग
चंदौली जिले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितम्बर 2025 को दिए गए आदेश के खिलाफ बेसिक शिक्षक लामबंद हो गए हैं। आदेश के अनुसार, पाँच वर्ष से अधिक सेवा कर चुके शिक्षकों के लिए भी टेट (TET) परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग चार लाख और देशभर के करीब चालीस लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
आपको बता दें कि शनिवार को उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल राज्यसभा सांसद साधना सिंह से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को एनसीटीई (NCTE) की अधिसूचना और सेवा शर्तों के तहत नियुक्त किया गया था, इसलिए उन्हें पात्रता परीक्षा से मुक्त किया जाए।
संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट का आदेश शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा कर रहा है और लाखों परिवारों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है। वहीं जिला महामंत्री संजय कुमार ने बताया कि मांग पत्र में केंद्र सरकार से तत्काल अध्यादेश लाकर कानून में संशोधन करने की मांग की गई है, जिससे सेवा शर्तों के अनुसार नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में संतोष कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, विकास चंद्र सिंह, सदानंद दुबे और रणविजय सिंह मौजूद रहे।