DM साहब देख लीजिए आपके कार्यकाल में ठेकेदार कैसे कर रहे हैं काम, नहर खुलते ही ढह गई बटौवा फाल की साइड वाल

 

चंदौली में बेन रजवाहा के बटौवा फाल की नई बनी साइड वाल नहर खुलते ही ढह गई। किसान विकास मंच ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और नई दीवार बनाने की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

 
 

पहली बार नहर खुलते ही खुली पोल

बटौवा फाल की साइड वाल ढही

किसान विकास मंच ने जताई नाराजगी

कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

मांग पूरी न होने पर धरने की चेतावनी

चंदौली जिले में आदर्श नहर परियोजना के तहत बेन रजवाहा के अंतर्गत आने वाले बटौवा फाल पर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बनाई गई साइड वाल पहली बार नहर खुलते ही ढह गई। हैरानी की बात यह है कि अभी फाल पर पानी का स्तर बहुत कम है, अगर पानी ज्यादा होता तो नुकसान और बड़ा हो सकता था।

कम गहरी नींव ने खोल दी काम की पोल
बटौवा फाल से सटी हुई पश्चिम पटरी की इस साइड वाल को महज डेढ़ महीने पहले ही बनाया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने दीवार की नींव बहुत ही कम खोदी थी। काम के दौरान भी इसमें गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं, जिसके बाद किसान विकास मंच ने काम की खराब गुणवत्ता को देखते हुए इसे बीच में रुकवा भी दिया था।

अधिकारियों को दी गई खराबी की सूचना
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने जब सुबह मौके पर जाकर देखा, तो साइड वाल नीचे से खिसक कर लटक रही थी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दी। इसके बाद दोपहर करीब बारह बजे मंच के मंत्री सुरेश मौर्य ने भी वहाँ का निरीक्षण किया, तब तक दीवार और ज्यादा लटक चुकी थी।

कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग
सुरेश मौर्य ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मांग की है कि शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसका भुगतान रोका जाए। जब तक इस पुरानी दीवार को पूरी तरह उजाड़कर नए सिरे से मजबूत साइड वाल नहीं बनाई जाती, तब तक सही से सिंचाई नहीं हो पाएगी।

मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने साफ लफ्जों में कहा कि ठेकेदारों की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन ने दोबारा नई साइड वाल का निर्माण नहीं कराया, तो किसान इसके खिलाफ कलेक्ट्रेट पर उग्र धरना प्रदर्शन करेंगे। निरीक्षण के दौरान राधेश्याम पांडेय, राम अवध सिंह, सुरेश मौर्य, अतुल मौर्य, श्याम लाल मौर्य और राकेश सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।