चंदौली में सपा प्रवक्ता राज कुमार भाटी के खिलाफ ब्राह्मण समाज का आक्रोश, SDM को सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राज कुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से चंदौली में उबाल है। भगवान परशुराम सेवा समिति ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई और पार्टी से बर्खास्तगी की मांग की है।
सपा प्रवक्ता राज कुमार भाटी का विरोध
एसडीएम कुंदन राज कपूर को सौंपा ज्ञापन
ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप
सपा मुखिया से प्रवक्ता को बर्खास्त करने की मांग
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर नाराजगी
चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज कुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में बुधवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया। भगवान परशुराम सेवा समिति के बैनर तले समाज के प्रबुद्ध जनों और युवाओं ने एकजुट होकर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कुंदन राज कपूर से मुलाकात की और उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर आरोपी प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।
विकृत मानसिकता और सौहार्द बिगाड़ने का आरोप
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सत्य मूर्ति ओझा ने तीखे शब्दों में कहा कि राजकुमार भाटी का बयान उनकी विकृत मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की जातिगत और अभद्र टिप्पणियां न केवल एक विशेष वर्ग का अपमान करती हैं, बल्कि पूरे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास हैं। समिति ने सरकार से ऐसे तत्वों के खिलाफ रासुका जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई करने और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से राज कुमार भाटी को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
स्वाभिमान की रक्षा के लिए समाज एकजुट
समिति के सचिव पंकज पांडेय और कोषाध्यक्ष अनूप तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक बयानों की बाढ़ आ गई है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज अपने मान-सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है और किसी भी अपमानजनक टिप्पणी का जवाब अब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। समाज को बांटने वाली राजनीति अब सफल नहीं होने दी जाएगी।
भारी संख्या में प्रबुद्ध जन रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदीप पांडेय, जितेंद्र तिवारी, रवि तिवारी, रोहित तिवारी, शैलेश मिश्रा, दारा पाठक, मृत्युंजय तिवारी, विभूति तिवारी, सतीश पांडेय, अनिल पांडेय, चंदन पांडेय, प्रभुनाथ पांडेय, दिशा चौबे और अतुल तिवारी सहित भारी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में कहा कि राजनीति के गिरते स्तर और जातिगत टिप्पणियों पर अंकुश लगाना अनिवार्य है, अन्यथा समाज में विद्वेष की भावना प्रबल होगी। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।