चंदौली के 31 'आपदा मित्र' ट्रेनिंग के लिए लखनऊ रवाना, DM ने हरी झंडी दिखाकर किया विदा

 

चंदौली जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 31 आपदा मित्र स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया है। जिलाधिकारी ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जहाँ ये युवा आपदाओं से निपटने की तकनीक सीखेंगे।

 
 

31 आपदा मित्र स्वयंसेवकों का चयन

12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ

जिलाधिकारी ने बस को हरी झंडी दिखाई

आगजनी और बाढ़ राहत की ट्रेनिंग

जिला आपदा प्रबंधन की अनूठी पहल

 चंदौली जनपद में किसी भी आकस्मिक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से 'आपदा मित्र परियोजना' के तहत चयनित 31 स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) मुख्यालय, लखनऊ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित टीम जरूरी: जिलाधिकारी
इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने कहा कि स्थानीय स्तर पर एक प्रशिक्षित टीम का होना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब कोई आपदा आती है, तो सरकारी मदद पहुँचने से पहले स्थानीय लोग ही सबसे पहले मौके पर होते हैं। यदि ये युवा प्रशिक्षित होंगे, तो आपदा के समय होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जा सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि लखनऊ से लौटने के बाद ये आपदा मित्र जिले के सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाएंगे।

12 दिनों तक सीखेंगे जीवन बचाने की तकनीक
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें आगजनी, बाढ़, आकाशीय बिजली, सर्पदंश, भूकंप और सड़क दुर्घटनाओं के समय प्राथमिक चिकित्सा (First Aid), खोज एवं बचाव (Search and Rescue) और राहत कार्यों की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) राजेश कुमार, प्रभारी अधिकारी आपदा विजय कुमार त्रिवेदी सहित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के कई विशेषज्ञ और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के लिए रवाना होने वाली टीम के साथ आपदा विशेषज्ञ प्रीति शिखा श्रीवास्तव, चंद्रकांत, मंदाकिनी सिंह, परवेज और समीर ने भी समन्वय स्थापित कर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

इस पहल से चंदौली के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आपदा जोखिम प्रबंधन को नया आयाम मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये 31 आपदा मित्र गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और संकट के समय 'फर्स्ट रिस्पोंडर' के रूप में काम करने के लिए तैयार रहेंगे।