Child Labor Eradication: 2026 तक चंदौली से खत्म होगा बाल श्रम, ADM रतन वर्मा ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए कलेक्ट्रेट में भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने जागरूकता रथ को रवाना करते हुए सभी को शपथ दिलाई। सरकार का लक्ष्य आकांक्षी जनपद चंदौली को 2026 तक बाल श्रम की बेड़ियों से मुक्त करना है।

 

एडीएम रतन वर्मा ने रवाना किया जागरूकता रथ

2026 तक बाल श्रम मुक्त होगा चंदौली

14 वर्ष से कम बच्चों से काम कराना अपराध

Pencil पोर्टल पर कर सकेंगे ऑनलाइन शिकायत

व्यापार मंडल और भट्ठा संचालकों से सहयोग की अपील

चंदौली जनपद को बाल श्रम के कलंक से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से श्रम विभाग चंदौली द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ब्रिटिश एशियन इंडिया और मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (एडीएम) रतन वर्मा रहे। एडीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर से जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गांव-गांव जाकर लोगों को बाल श्रम के कानूनी और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करेगा।

2026 तक चंदौली को बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य समन्वयक सैय्यद रिजवान अली ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक पूरे प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। हालांकि, चंदौली जैसे आकांक्षी जनपदों के लिए यह समय सीमा वर्ष 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का असली स्थान कारखानों या दुकानों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर राज्य कार्ययोजना के तहत प्रभावी कदम उठाने होंगे।

एडीएम ने दिलाई शपथ, जनसहयोग पर दिया जोर
अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं को बाल श्रम न कराने और इसके खिलाफ आवाज उठाने की शपथ दिलाई। उन्होंने विशेष रूप से ईंट-भट्ठा एसोसिएशन और व्यापार मंडल से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी बच्चा श्रमिक के रूप में काम न कर रहा हो। एडीएम ने कहा कि समाज के हर स्टेक होल्डर को इसे अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी यह मिशन सफल हो पाएगा।

Pencil पोर्टल पर करें शिकायत, होगी त्वरित कार्रवाई
श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश ने कानून की जानकारी देते हुए बताया कि 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनी अपराध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी बाल श्रमिक दिखाई दें, तो वे भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल Pencil.gov.in पर सूचना दें। इसके अलावा ग्राम स्वराज्य समिति चंदौली को भी इसकी जानकारी दी जा सकती है ताकि तत्काल रेस्क्यू और पुनर्वासन की कार्रवाई की जा सके।

कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एएचटीयू प्रतिनिधि, जुनैद खान, अंजू पांडेय और व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।