चंदौली कॉन्क्लेव में संजय सिंह का ऐलान: महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में बनेगा हाईटेक अखाड़ा और हॉस्टल, पहलवानों की चमकेगी किस्मत
चंदौली कॉन्क्लेव के दूसरे दिन खेल और विकास पर बड़ा फैसला लिया गया। डॉ. धनंजय सिंह की मांग पर सदर प्रमुख संजय सिंह ने महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक अखाड़ा और हॉस्टल बनाने का ऐलान किया है, जिससे जिले को अंतरराष्ट्रीय पहलवान मिल सकेंगे।
महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में अखाड़ा निर्माण
पहलवानों के लिए बनेगा आधुनिक हॉस्टल
भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष का बड़ा आश्वासन
धान के कटोरे में औद्योगिक विकास पर जोर
डॉ. धनंजय सिंह ने उठाई बुनियादी मांगें
चंदौली कॉन्क्लेव के दूसरे दिन जिले की खेल प्रतिभाओं के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ आया। आरडी मेमोरियल हॉस्पिटल और यथार्थ नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. धनंजय सिंह ने जिले की कुश्ती परंपरा को पुनर्जीवित करने का मुद्दा उठाया। उनकी मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सदर प्रमुख संजय सिंह उर्फ बबलू ने महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में एक अत्याधुनिक अखाड़ा और पहलवानों के रहने के लिए हॉस्टल बनवाने की घोषणा की। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस पुनीत कार्य के लिए जितनी भी जमीन की आवश्यकता होगी, वह उसे उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मिला समर्थन
सदर प्रमुख की इस घोषणा को उस समय और मजबूती मिली जब भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह 'बबलू' ने कॉन्क्लेव में ऑनलाइन जुड़कर इस पहल का भरपूर स्वागत किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि चंदौली में कुश्ती के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए संघ हर संभव मदद करेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि वे कॉन्क्लेव के अंतिम दिन व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे जिले के खेल जगत में भारी उत्साह है।
धान के कटोरे और किसानों पर मंथन
कॉन्क्लेव के दौरान सदर प्रमुख ने जिले के आर्थिक विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चंदौली को 'धान का कटोरा' कहा जाता है, लेकिन यहाँ औद्योगिक विकास की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सभी किसानों के धान की समय पर खरीद और उनकी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान किया जाए, तो जिले के हर आंगन में खुशहाली आएगी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में न केवल अच्छे भवनों बल्कि कुशल डॉक्टरों और शिक्षकों की उपलब्धता पर भी जोर दिया।
बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग
डॉ. धनंजय सिंह ने पिछले दो दशकों में हुई तरक्की की सराहना करते हुए जिले की कुछ बुनियादी बाधाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के सड़क मानकों में छूट देने की वकालत की ताकि स्थानीय विकास को गति मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि खेल, स्वास्थ्य और कृषि को सही दिशा दी जाए, तो चंदौली जल्द ही राष्ट्रीय पटल पर एक मॉडल जिले के रूप में उभरेगा। इस सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने माना कि अखाड़ा और हॉस्टल बनने से चंदौली को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान मिलेंगे।