चंदौली में ऐतिहासिक शिलान्यास: 286 करोड़ से बनेगा 35 बीघे में तैयार होगा हाईटेक न्यायालय भवन, CJI और CM योगी करेंगे शिलान्यास

 

चंदौली जिले के लिए 17 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। 286 करोड़ की लागत से बनने वाले एकीकृत जिला न्यायालय का शिलान्यास होगा। भव्य मंच, सुरक्षा और सफाई व्यवस्था के साथ प्रशासन अंतिम तैयारियों में जुटा है।

 
 

35 बीघे में बनेगा कोर्ट भवन

286 करोड़ रुपये की कुल लागत

17 जनवरी को भव्य शिलान्यास समारोह

सुरक्षा के लिए की गई बैरिकेडिंग

डेढ़ हजार सफाई कर्मी तैनात

चंदौली जनपद के इतिहास में 17 जनवरी 2026 की तारीख स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने जा रही है। जिला कलक्ट्रेट के समीप लगभग 35 बीघे क्षेत्र में 286 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित होने वाले एकीकृत जिला न्यायालय की आधारशिला रखी जानी है। इस गरिमामयी समारोह में देश की शीर्ष न्यायपालिका के दिग्गजों और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की प्रबल संभावना को देखते हुए प्रशासनिक महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

शीर्ष अतिथियों के आगमन की संभावना और भव्य तैयारियां
शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिरकत करने की चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है, लेकिन आयोजन स्थल पर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। परिसर में एक भव्य वॉटरप्रूफ पंडाल और विशाल मंच तैयार किया जा रहा है, जिसमें दर्जनों कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं।

सुरक्षा और साफ-सफाई का व्यापक अभियान
सुरक्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट की ओर जाने वाले सभी मार्गों और कार्यक्रम स्थल के आसपास लोहे की जाली लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। वहीं, स्वच्छता के मोर्चे पर करीब 1500 सफाई कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है। यह टीम कार्यक्रम स्थल से लेकर पचफेड़वां तक की मुख्य सड़कों और किनारों को चकाचक करने में लगी है ताकि मेहमानों का स्वागत भव्य तरीके से हो सके।

प्रमुख सचिव ने तैयारियों का बारीकी से लिया जायजा
गुरुवार को लखनऊ से पहुंचे प्रमुख सचिव (न्याय एवं विधि परामर्शी) उदय प्रताप सिंह और विशेष सचिव (न्याय एवं अपर विधि परामर्शी) ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कई घंटों तक पंडाल, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों को परखा। इसके बाद जिले के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों, डीआईजी वैभव कृष्ण, जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग, एडीएम राजेश कुमार और एसपी आदित्य लांगो के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

एकीकृत न्यायालय परिसर: एक छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
286 करोड़ की लागत से बनने वाला यह एकीकृत न्यायालय भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहाँ सभी कोर्ट रूम, वकीलों के चैंबर और वादकारियों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था एक ही परिसर में होगी। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर चलने वाले न्यायिक कार्यों के एकीकृत होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आम जनता को न्याय पाने में भी सुगमता होगी। शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।