जिलेभर में दुर्गा पूजा की धूम, जिले में 295 जगहों पर सजेंगे मां दुर्गा के भव्य पंडाल
चंदौली में 295 स्थानों पर बनेंगे पंडाल
कोलकाता के कारीगर दे रहे भव्य रूप
चंदौली थाने में सबसे ज्यादा 35 पंडाल
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त
ऐतिहासिक भवनों की तर्ज पर तैयारी
शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर चंदौली जिले में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए भव्य और आकर्षक पूजा पंडालों का निर्माण कराया जा रहा है। इस बार पूरे जिले में कुल 295 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। त्योहार को देखते हुए सभी पूजा समितियों की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
कोलकाता से आए कारीगर, भव्य पंडालों का निर्माण जारी
पंडालों को बेहद आकर्षक और अनोखा रूप देने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। कई जगहों पर पंडालों के निर्माण के लिए कोलकाता समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है। ये कारीगर स्थानीय कारीगरों के साथ मिलकर भव्य प्रवेश द्वार, शानदार रोशनी और सजावट को अंतिम रूप दे रहे हैं। कई पूजा समितियों द्वारा धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक भवनों की तर्ज पर पंडाल तैयार कराए जा रहे हैं।
जानें किस थाने में बनेंगे कितने पूजा पंडाल
जिले में थानावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 35 पंडाल चंदौली थाना क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा मुगलसराय में 33, सैयदराजा में 32, चकिया में 29, धानापुर में 28, सकलडीहा में 27, अलीनगर में 19, बलुआ में 18, कंदवा में 14, धीना, शहाबगंज व इलिया में 12-12, बबुरी व चकरघट्टा में 10-10 और नौगढ़ क्षेत्र में 04 पंडाल स्थापित होंगे।
दर्शनार्थियों की भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पूजा के दौरान दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रवेश और निकास के अलग रास्ते बनाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। सभी चिह्नित पंडालों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए ड्यूटी चार्ट तैयार किया जा रहा है।
शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने में जुटा पुलिस प्रशासन
शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए थाना स्तर पर पूजा समितियों के पदाधिकारियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठकें की जा रही हैं। पुलिस अधिकारी आयोजकों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही व्यवस्थाएं करने की सख्त हिदायत दे रहे हैं। प्रशासन की मंशा है कि त्योहार पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और मां के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।