चंदौली में गैस किल्लत की अफवाह से अफरातफरी: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, ओवररेट वसूलने वालों पर होगी जेल
चंदौली में रसोई गैस और पेट्रोल की किल्लत की अफवाहों के बीच डीएम ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बबुरी में उपभोक्ताओं से अधिक वसूली की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कालाबाजारी करने वालों को सीधी चेतावनी दी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
चंदौली गैस एजेंसी पर उमड़ी भारी भीड़
डीएम चंद्रमोहन गर्ग के सख्त निर्देश जारी
ईंधन की कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
केवाईसी अपडेट में सर्वर की तकनीकी दिक्कत
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
चंदौली जिले में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने आम जनता के बीच अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया है। गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति को भांपते हुए जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
कालाबाजारी और ओवररेट की शिकायत
जिलाधिकारी ने गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर ईंधन की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक की वसूली पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच बबुरी कस्बा स्थित एक इंडेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं से तय दर 977 रुपये के बजाय 1000 रुपये वसूलने की शिकायत सामने आई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें सिलेंडर न देने की धमकी दी जा रही है। प्रशासन ने ऐसी शिकायतों पर फील्ड अफसरों को चौबीस घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं।
तकनीकी समस्या बताकर की जा रही है देरी
जिला पूर्ति अधिकारी वासुदेव तिवारी ने बताया कि वर्तमान में केवाईसी (KYC) अपडेट और ओटीपी (OTP) आधारित बुकिंग सिस्टम में सर्वर की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को थोड़ी परेशानी हो रही है। इस तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए एडीएम स्तर पर बैठक बुलाई गई है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। बार्डर स्थित पेट्रोल पंपों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि जिले का स्टॉक बाहर न जा सके।
प्रशासन की पैनी नजर
गैस एजेंसी प्रबंधकों का कहना है कि भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण सर्वर डाउन होना और लोगों में फैला डर है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह उपभोक्ताओं के हितों से समझौता नहीं करेगा। जिले की सभी एजेंसियों पर स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी।