इसलिए चंदन सिंह को करना पड़ा सस्पेंड, छुट्टी न देने की खबर वायरल होते ही पुलिस अफसर देने लगे सफाई 

चंदौली के भदाहू चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी चंदन सिंह के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। जहां आरक्षी ने पत्नी के इलाज के लिए छुट्टी न मिलने का आरोप लगाया, वहीं पुलिस अफसरों ने विवाद और अनुशासनहीनता को निलंबन का मुख्य कारण बताया है।  
 
चंदौली भदाहू चौकी मुख्य आरक्षी निलंबित   पत्नी के इलाज के लिए छुट्टी विवाद   धानापुर थाना प्रभारी रिपोर्ट पर कार्रवाई   पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता पर एक्शन   अवकाश और निलंबन पर पुलिस की सफाई   

 

चंदौली जनपद स्थित भदाहू चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी चंदन सिंह को अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई धानापुर थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक स्तर से की गई है। निलंबन की कार्रवाई के तुरंत बाद मुख्य आरक्षी को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है।  

 

अफसरों की रिपोर्ट और निलंबन का कारण
धानापुर के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि निलंबित मुख्य आरक्षी के खिलाफ लंबे समय से अनुशासनहीनता की शिकायतें मिल रही थीं। उन पर आरोप है कि वह समय पर ड्यूटी पर नहीं आते थे और उच्च अधिकारियों के निर्देशों को लगातार नजरअंदाज करते थे। इसके अलावा, साथ काम करने वाले अन्य पुलिसकर्मियों से उलझने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन सब शिकायतों की विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई थी, जिसके बाद निलंबन का फैसला लिया गया।  

 मुख्य आरक्षी ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, निलंबित मुख्य आरक्षी चंदन सिंह ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चंदन सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी के इलाज के लिए छुट्टी की मांग की थी, लेकिन उन्हें अवकाश नहीं दिया गया। उनका दावा है कि छुट्टी मांगने के इसी मुद्दे को लेकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।   

वायरल खबर पर पुलिस विभाग की सफाई
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस अफसरों ने स्थिति साफ की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सभी पुलिसकर्मियों को जरूरत के हिसाब से छुट्टी दी जाती है और किसी का भी अवकाश बिना वजह नहीं रोका जाता। आपातकालीन स्थिति में तो फोन पर ही अनुमति दे दी जाती है ताकि सिपाहियों को आवेदन पत्र लेकर अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें।   

छुट्टी न देने की क्या थी असली वजह?
पुलिस विभाग के अनुसार, चंदन सिंह जिस चौकी पर तैनात हैं, वहां के तीन पुलिसकर्मी पहले से ही छुट्टी या स्थानांतरण पर थे। इसी वजह से उन्हें स्थिति समझाते हुए छुट्टी रोकने के लिए कहा गया था। लेकिन उन्होंने बात समझने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। अफसरों ने यह भी बताया कि अगस्त महीने में ही आरक्षी को उनकी मांग के अनुसार 13 दिनों का अवकाश दिया गया था।   

अनुशासनहीनता पर नहीं मिलेगी छूट
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि चंदन सिंह को बहुत ज्यादा जरूरत थी, तो उन्हें क्षेत्राधिकारी (CO) स्तर पर बात करके छुट्टी लेनी चाहिए थी। उन्होंने वहां बात करने के बजाय विवाद किया और अनुशासनहीनता दिखाई। पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि छुट्टी मांगने पर निलंबन हुआ है; कार्रवाई केवल विवाद करने और अनुशासनहीनता के कारण हुई है।