पत्रकार को धमकाने के मामले में विधायक जी भौकाल नहीं आया काम, बिरादरी के आरोपी भेजे गए जेल

 

मुगलसराय में अतिक्रमण कवरेज के दौरान पत्रकार संजय पर हुए हमले में प्रशासन ने नजीर पेश की है। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने राजनीतिक दबाव को दरकिनार करते हुए आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत और 5 लाख के पाबंद के साथ जेल भेज दिया है।

 
 

पत्रकार संजय पर कवरेज के दौरान जानलेवा हमला

एसडीएम अनुपम मिश्रा ने आरोपियों को भेजा जेल

पांच लाख रुपये के भारी पाबंद की कार्रवाई

सत्ताधारी नेताओं की पैरवी हुई पूरी तरह फेल

प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर सख्त संदेश

चंदौली जनपद अंतर्गत मुगलसराय में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए हमले के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त और सराहनीय कदम उठाया है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक निजी टीवी चैनल के पत्रकार पर हमला करने वाले आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराध करने वालों को किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण नहीं बचा पाएगा। चाहे वह सत्ताधारी विधायक ही क्यों न हो। 

कवरेज के दौरान हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, मुगलसराय इलाके में प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान एक टीवी चैनल के पत्रकार संजय मौके पर पहुंचकर कवरेज कर रहे थे। तभी कुछ अतिक्रमणकारियों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल पत्रकार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, बल्कि उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी।

पत्रकारों के साथ हुई इस घटना के संबंध में थाना मुगलसराय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा अपराध संख्या- 218/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिसमें धारा 191(2), 115(2), 351(2), 352, और 324(2) शामिल हैं, के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही की।

गिरफ्तारी करके भेजा जेल
आज दिनांक 05 मई 2026 को पुलिस टीम ने दोनों अभियुक्तों—27 वर्षीय अजय जायसवाल और 47 वर्षीय सुनील जायसवाल को धारा 170/126/135 बीएनएसएस (BNSS) के तहत गिरफ्तार कर लिया। मुगलसराय पुलिस का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

एसडीएम अनुपम मिश्रा का कड़ा फैसला
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें मुगलसराय के एसडीएम अनुपम मिश्रा की अदालत में पेश किया गया। एसडीएम ने मामले में किसी भी प्रकार की नरमी न बरतते हुए आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुनाया। इसके साथ ही, आरोपियों पर 5 लाख रुपये का पाबंद भी लगाया गया है, जो प्रशासनिक सख्ती को दर्शाता है।

पैरवी और सत्ता का दबाव रहा बेअसर
स्थानीय हलकों में चर्चा थी कि आरोपियों को सत्ताधारी दल के कुछ रसूखदार नेताओं का संरक्षण प्राप्त है और उन्हें बचाने के लिए भारी पैरवी की जा रही थी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कानून सर्वोपरि है। किसी भी नेता या सत्ताधारी की सिफारिश काम नहीं आई और आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।

इंस्पेक्टर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि इस घटना में संलिप्त अन्य लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके। इस कार्रवाई से स्थानीय पत्रकारों और आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।