चंदौली में हुआ जनपद स्तरीय किसान मेला, कृषि वैज्ञानिकों ने दी नयी-नयी जानकारी

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन के तहत केले की खेती से किसान प्रति हेक्टेयर 3 से 5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
 

कृषि विज्ञान केन्द्र चंदौली में हुआ किसान मेला का शुभारंभ

वैज्ञानिकों ने रबी सीजन की फसलों पर दी विशेष जानकारी

बागवानी मिशन से किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा

चंदौली जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रांगण में शुक्रवार को कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय जनपद स्तरीय किसान मेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया और मेले में लगाए गए सभी स्टालों का निरीक्षण किया।

कृषि विविधीकरण और मूल्य संवर्धन पर जोर

कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज कृषि केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कृषि विविधीकरण, वानिकी, मूल्य संवर्धन, मखाना एवं सिंघाड़े की खेती जैसी आधुनिक पद्धतियों के बारे में जानकारी दी।

फसल अवशेष प्रबंधन और रबी फसलों पर चर्चा

वैज्ञानिक डॉ. चंदन सिंह ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के आधुनिक तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने रबी सीजन में गेहूं, सरसों और दलहन फसलों में नवीन तकनीकों जैसे विरलीकरण और सल्फर प्रयोग की जानकारी साझा की, जिससे किसानों को उत्पादन में बढ़ोत्तरी के साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

भूमि एवं जल संरक्षण पर जोर

भूमि संरक्षण अधिकारी ने किसानों को पंडित दीनदयाल किसान समृद्धि योजना और खेत तालाब योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और सिंचाई की स्थायी व्यवस्था विकसित करना है।

बागवानी से बढ़ेगा किसानों का लाभ

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन के तहत केले की खेती से किसान प्रति हेक्टेयर 3 से 5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को आलू की नई उच्च उत्पादकता वाली प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है।

एफपीओ के माध्यम से संगठित कृषि की पहल

कार्यक्रम में एफपीओ निदेशक रमेश सिंह और रतन सिंह ने डीएसआर बुवाई विधि, दलहन-तिलहन उत्पादन, और पराली प्रबंधन पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) किसानों को एक मंच प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे सामूहिक रूप से उत्पादन, विपणन और मूल्यवर्धन कर सकें।

कृषि में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील

अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाकर ही खेती को लाभदायक बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें और संतुलित खेती अपनाएं।

कृषि विभाग की योजनाओं की दी जानकारी

उप कृषि निदेशक चंदौली ने किसान भाइयों को फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, और अन्य राज्य स्तरीय कृषि योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती की दिशा में अग्रसर होने की अपील की।

कृषि मेला बना जागरूकता का माध्यम

किसान मेले में विभिन्न विभागों जैसे कृषि विभाग, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, बैंकिंग संस्थान और आत्मा योजना के स्टॉल लगाए गए, जहाँ विशेषज्ञों ने किसानों को तकनीकी जानकारी और परामर्श दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, जिला उद्यान अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, वैज्ञानिक डॉ. चंदन सिंह, एफपीओ निदेशक शशिकांत राय, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, और जिले के अनेक प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।