मिलेट्स जागरूकता गोष्ठी के नाम पर एक साथ निपटाए गए कई योजनाओं के काम
चंदौली कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजन
तिलहन मेला, मक्का विकास कार्यक्रम और मिलेट्स के फायदे बताए गए
कृषि विज्ञान केंद्र में खेतीबारी के ज्ञान का महाकुंभ
बहुआयामी कार्यक्रम का एक साथ किया गया आयोजन
चंदौली जिले में आज कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) परिसर में एक महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मिलेट्स योजनान्तर्गत कथक जागरूकता गोष्ठी, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम, और जनपदीय तिलहन मेला (Tilhan Mela) शामिल थे। अपर जिलाधिकारी ने प्रांगण में लगे सभी स्टालों का अवलोकन किया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को नवीन कृषि तकनीकों और पोषण से भरपूर फसलों के बारे में जागरूक करना था।
मिलेट्स के लाभ और औषधीय गुणों पर विशेष जानकारी
गोष्ठी के दौरान डा. मनीष कुमार सिंह, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली ने मिलेट्स (Millets) की फसलों की उत्पादन तकनीकी एवं उसके लाभ के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब खेती केवल जीविकोपार्जन (Livelihood) का साधन नहीं रह गई है, बल्कि एक व्यवसाय है।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री रिपुसूदन पाण्डेय ने बताया कि मिलेट्स की फसलें कम उर्वरता और कम पानी वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उगाई जा सकती हैं। उन्होंने मिलेट्स से बने उत्पादों जैसे बिस्किट, समोसा, लड्डू और केक के गुणों के बारे में बताया।
बरिष्ठ वैज्ञानिक/अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र ने मानव जीवन में हो रही विभिन्न बीमारियों से बचने हेतु मिलेट्स से जुड़ी फसलें जैसे ज्वार, बाजरा, सावा, कोदों और कुटकी आदि के औषधीय गुणों (Medicinal Properties) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। मिलेट्स से संबंधित रेसिपी के लिए कृषि वैज्ञानिक चन्दन कुमार सिंह ने भी विस्तृत जानकारी किसानों को प्रदान की।
मक्का, तिलहन और कृषि यंत्रीकरण पर जोर
कार्यक्रम में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने पर भी फोकस किया गया:
श्री रमेश सिंह, अध्यक्ष, शिवनन्दम् फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी, धानापुर ने जायद मक्का (Zaid Maize) के उत्पादन और तिलहनी फसलों की खेती के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कृषकों की आमदनी बढ़ाने हेतु कृषि में विविधीकरण (Diversification) अपनाने पर जोर दिया।
श्री मानसिंह कुशवाहा, अवर अभियन्ता ने खेती में कृषि यंत्रीकरण (Farm Mechanization) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जायद फसलों के लिए सिंचाई की असुविधा को देखते हुए किसानों को सोलर सिंचाई पम्प (Solar Irrigation Pump) लगाने हेतु प्रोत्साहित किया।
उप कृषि निदेशक की अपील
कार्यक्रम के अंत में उप कृषि निदेशक ने सभी किसान भाईयों से अपील की कि वे मिलेट्स फसलों के उत्पादन के साथ-साथ रबी सीजन (Rabi Season) में तिलहनी एवं दलहनी (Oilseeds and Pulses) की खेती करें और लाभ प्राप्त करें।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक, जिला उद्यान अधिकारी, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, कृषि विभाग के कर्मचारी तथा प्रगतिशील कृषक श्री अजय सिंह, श्री शैलेन्द्र पाण्डेय व अन्य कृषक उपस्थित रहे।
अन्त में, उप कृषि निदेशक के द्वारा मिलेट्स कृषक जागरूकता गोष्ठी, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम, जनपदीय तिलहन मेला में उपस्थित सभी किसानों, विभिन्न विभागों के स्टाल, उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों एवं आत्मा योजना से भ्रमण पर आये कृषकों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई।