चंदौली में ऐतिहासिक शनिवार: जिले से ही होगा प्रदेश के 6 जिलों के कोर्ट का शिलान्यास, कार्यक्रम के दौरान अभूतपूर्व सुरक्षा
चंदौली के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ जनपद में होंगे। 1500 करोड़ की लागत से बनने वाले मॉडल न्यायालय परिसर का शिलान्यास होगा। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।
₹1500 करोड़ के मॉडल न्यायालय का शिलान्यास
सुप्रीम कोर्ट के 5 न्यायाधीशों का आगमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहेंगे विशेष मौजूद
चंदौली सहित 6 जिलों को मिलेगी सौगात
सुरक्षा में 750 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
चंदौली जनपद के लिए आगामी शनिवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। जिले के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सर्वोच्च न्यायालय के एक साथ कई न्यायाधीश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद की धरती पर मौजूद रहेंगे। लगभग 1500 करोड़ रुपये की विशाल लागत से बनने वाले 'मॉडल न्यायालय परिसर' (एकीकृत न्यायालय) का भव्य शिलान्यास समारोह आयोजित किया जा रहा है, जो न केवल चंदौली बल्कि प्रदेश के अन्य 5 जिलों के लिए भी न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण का केंद्र बनेगा।
6 जिलों को मिलेगी एकीकृत न्यायालय की सौगात
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के माध्यम से चंदौली के साथ-साथ महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया जिले के एकीकृत न्यायालय परिसरों का भी शिलान्यास किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सूर्यकांत होंगे, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में इसका शिलान्यास करेंगे। यह मॉडल कोर्ट परिसर वकीलों, वादियों और न्यायाधीशों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा।
वीवीआईपी अतिथियों की लंबी फेहरिस्त
कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल भी शिरकत करेंगे। इनके साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा अवस्थापना समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी की भी उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। लगभग 30 वीवीआईपी हस्तियों के आगमन को लेकर चंदौली में तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी कर ली गई हैं।
अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में जनपद: एडीजी ने परखी व्यवस्था
वीआईपी के बड़े जमावड़े को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने स्वयं आयोजन स्थल की सुरक्षा और गुणवत्ता की समीक्षा की है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए दो आईपीएस अधिकारी, पांच एडिशनल एसपी, 12 क्षेत्राधिकारी (सीओ) और 100 से अधिक दरोगाओं की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त 750 से अधिक सुरक्षा कर्मी बाहर से मंगाए गए हैं, जो कार्यक्रम की चप्पे-चप्पे पर निगरानी करेंगे।
इतिहास में पहली बार ऐसा अवसर
यह चंदौली के प्रशासनिक और न्यायिक इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन है। अभी तक जनपद में सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश का आगमन इतने बड़े स्तर पर नहीं हुआ था। एकीकृत न्यायालय परिसर बनने से आम जनता को न्याय पाने में सुगमता होगी और सभी न्यायिक विभाग एक ही छत के नीचे आधुनिक तकनीक के साथ कार्य कर सकेंगे।