मुआवजे की मांग को लेकर चंदौली के किसानों का आक्रोश, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
धान के कटोरा चंदौली में 'मोथा तूफान' से तबाही
किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा पत्रक
लेखपालों पर गलत सर्वे का आरोप
आंदोलन की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में, जिसे 'धान का कटोरा' कहा जाता है, वहां के किसानों पर मोथा तूफान कहर बनकर टूटा है। इस तूफान के कारण खेतों में खड़ी धान की फसलें या तो जमीन पर गिर गई हैं या पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कई महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल नष्ट होने से न केवल किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं, बल्कि गेहूं की फसल की बुआई भी पिछड़ रही है, जिससे उनकी अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
फसल के भारी नुकसान से आक्रोशित किसानों ने बुधवार को एकजुट होकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन (पत्रक) सौंपा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सर्वे कराने और नुकसान के वास्तविक आकलन के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि मुआवजा मिलने पर ही वे अपनी अगली फसल की बुआई के लिए तैयार हो पाएंगे और आर्थिक संकट से बच सकेंगे।
लेखपालों के सर्वे पर गंभीर आरोप
किसानों ने प्रशासन के सामने एक गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने लेखपालों पर निष्पक्ष सर्वे न करने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि कई प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण किए बिना ही रिपोर्ट तैयार कर दी गई है, जिससे उन्हें मुआवजा मिलने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। किसान यूनियन के पदाधिकारी दिना नाथ श्रीवास्तव ने सरकार से विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया और निष्पक्ष सर्वे सुनिश्चित नहीं कराया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। अब किसानों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह उनकी पीड़ा को कब तक समझकर ठोस राहत प्रदान करता है।
पत्रक सौंपने में बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष घनश्याम प्रधान,तिलकधारी बिंद, पूर्व प्रधान अनुज सिंह,शेषनाथ यादव, पिंटू पाल सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।