तूफान से टूटी 'धान का कटोरा' के किसानों की कमर, राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने  उचित मुआवजे का दिया आश्वासन
 

धान खरीद के मानक में परिवर्तन हो, क्योंकि तूफान के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, इसलिए सरकार धान खरीद के क्वालिटी मानक में नरमी लाए या परिवर्तन करे।
 

चंदौली में तूफान प्रभावित किसानों से मिलीं सांसद दर्शना सिंह

धान खरीद के मानकों में बदलाव की उठी मांग

देखिए क्या मदद कर पाती हैं राज्यसभा सांसद

चंदौली जिले में हाल ही में आए तूफान से बुरी तरह प्रभावित 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जिले के किसानों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से, राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें किसानों की धान की फसल व्यापक पैमाने पर खेतों में गिरी हुई और जलमग्न मिली, जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है।

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सांसद दर्शना सिंह ने गंगहरा, खुरुहूजा, एकौनी और बहेरा जैसे गांवों का दौरा कर सीधे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। किसानों ने सांसद को बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है, क्योंकि इन्हीं फसलों पर उनके पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी टिकी होती है। किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ की फसल बर्बाद होने से अब रबी की फसल की बुआई पर भी गहरा असर पड़ेगा।

किसानों ने सांसद से दो प्रमुख माँगें रखीं:--

1- उचित मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया तेज हो और  तत्काल और पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

2- धान खरीद के मानक में परिवर्तन हो, क्योंकि तूफान के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, इसलिए सरकार धान खरीद के क्वालिटी मानक में नरमी लाए या परिवर्तन करे।

किसानों की स्थिति को देखने के बाद, राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने उन्हें उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह किसानों की क्षतिपूर्ति और उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाकर जल्द से जल्द राहत दिलाने का प्रयास करेंगी।

निरीक्षण के दौरान सांसद के साथ सदर उप जिला अधिकारी दिव्या ओझा भी मौजूद रहीं, जिन्होंने सांसद को प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे क्षति आकलन की जानकारी दी। प्रशासन ने जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने की बात कही है।