विंध्य एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण का मुद्दा संसद में उठाएंगे सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, किसानों को दिया भरोसा

 

विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान न्याय मोर्चा ने चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा है। सांसद ने आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने का भरोसा दिया है।

 
 

किसान न्याय मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध

हजारों किसानों की आजीविका पर संकट

मानसून सत्र में गूंजेगा किसानों का मुद्दा

सांसद वीरेंद्र सिंह ने दिया पूरा भरोसा

चंदौली जिले के किसान बार-बार जमीन अधिग्रहण से परेशान हैं। विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में 'किसान न्याय मोर्चा' के सदस्यों ने रविवार को चंदौली के नवनिर्वाचित समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को अपनी समस्याओं और चिंताओं से अवगत कराते हुए एक लिखित ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने सांसद से पुरजोर मांग की है कि उनकी उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए इस गंभीर मुद्दे को देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में मजबूती से उठाया जाए।

20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में गूंजेगा मुद्दा
किसानों की दर्दभरी दास्तां और उनकी जायज मांगों को सुनने के बाद सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह से आश्वस्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की चिंताओं और उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।

सांसद ने कहा कि आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान वे लोकसभा में नियम 377 के तहत इस भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाने का पूरा प्रयास करेंगे, ताकि सरकार का ध्यान इस ओर खींचा जा सके।

हजारों किसानों की आजीविका और रोजगार पर संकट
किसान न्याय मोर्चा के प्रदेश संयोजक एडवोकेट महेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को जमीनी हकीकत बताई। उन्होंने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए बहुत बड़ी संख्या में ऐसी जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, जो बेहद उपजाऊ हैं।

इन खेतों से सालों भर फसलें उगती हैं और यही किसानों की कमाई का एकमात्र जरिया हैं। अगर यह उपजाऊ भूमि अधिग्रहित कर ली गई, तो क्षेत्र के हजारों किसान सीधे तौर पर प्रभावित होंगे और उनके सामने आजीविका का एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता की मांग
मुलाकात के दौरान किसानों ने एक सुर में कहा कि विकास के नाम पर अन्नदाताओं को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए बंजर या कम उपजाऊ जमीनों का विकल्प तलाशा जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने सांसद वीरेंद्र सिंह से विशेष आग्रह किया है कि किसानों के परिवारों को भुखमरी की कगार पर पहुंचने से बचाने के लिए वे संसद में उनकी आवाज बनें। सांसद ने भी साफ कर दिया है कि वे किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़े हैं।