नौगढ़ जंगल में दो अजगरों की रहस्यमय मौत: रेंजर और DFO ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

नौगढ़ जंगल, चंदौली में दो अजगरों की रहस्यमय मौत से वन्यजीव संरक्षण पर सवाल। रेंजर अमित श्रीवास्तव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव कब्जे में लिए। डीएफओ बी. शिव शंकर ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
 

नौगढ़ जंगल में दो नर-मादा अजगरों के शव मिलने से हड़कंप

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने शिकारियों पर सख्त कार्रवाई का दिया संदेश

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में जयमोंहनी रेंज के मरवटिया–सलैया ताल बंधी क्षेत्र में नर और मादा अजगर के दो शव मिलने से पूरे जंगल क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, इस मामले में रेंजर अमित श्रीवास्तव की त्वरित और सख्त कार्रवाई ने वन विभाग की सक्रियता का स्पष्ट संदेश दिया है। मुखबिर की सूचना मिलते ही रेंजर ने बिना समय गंवाए एक विभागीय टीम गठित की, जिसने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों अजगरों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया।

जंगल के अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा: रेंजर

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने अपनी सख्त चेतावनी में स्पष्ट कहा है कि जंगल में शिकार करने वालों के लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि "ऐसे अपराधी एक–दो साल जेल भेजे जाएंगे। वन्यजीवों की हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

रेंजर के इस कड़े रुख ने संभावित शिकारी तत्वों में खौफ पैदा कर दिया है और यह दर्शाया है कि नौगढ़ रेंज में वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में भी साफ संदेश गया है कि वन कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम और जांच के बाद होगी कार्रवाई

शवों को तुरंत पशु चिकित्सालय नौगढ़ ले जाया गया, जहां चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश सिंह द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, शुरुआती जानकारी में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन नर और मादा अजगरों का एक ही स्थान पर मिलना संदेह को गहरा कर रहा है। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि फसल या पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचने के डर से किसानों ने अजगरों को मारकर फेंक दिया होगा।

इस बीच, काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर के डीएफओ बी. शिव शंकर ने भी इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पूरी टीम सक्रिय हो गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डीएफओ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि अजगरों को जानबूझकर मारा गया है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना नौगढ़ जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल देती है।