साथ काम करते-करते दिल दे बैठे चंदौली के दो अफसर, किशन वर्मा और दीक्षा अग्रहरि ने लिए सात फेरे

चंदौली में सात वर्षों से साथ कार्यरत दो विभागीय अधिकारियों ने प्रेम और विश्वास के रिश्ते को विवाह में बदल दिया। बाल संरक्षण अधिकारी किशन और महिला कल्याण अधिकारी दीक्षा की यह अनूठी शादी पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है।

 
 

दो अधिकारियों ने रचाई शादी

बाल संरक्षण अधिकारी बने दूल्हा

महिला कल्याण अधिकारी बनीं दुल्हन

सात वर्षों का साथ बना विवाह

सैयदराजा में संपन्न हुआ विवाह समारोह

चंदौली जिले से एक सुखद और रोचक खबर सामने आई है। यहाँ सरकारी कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दो अधिकारियों के बीच उपजा परिचय आखिरकार पवित्र वैवाहिक बंधन में तब्दील हो गया। बाल संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा और महिला कल्याण अधिकारी दीक्षा अग्रहरि ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुन लिया है।

7 वर्षों की दोस्ती के बाद लिए 7 फेरे
बताया जा रहा है कि किशन वर्मा और दीक्षा अग्रहरि पिछले लगभग सात वर्षों से चंदौली जिले के विभिन्न सरकारी प्रोजेक्ट्स और सामाजिक कल्याण कार्यों में एक साथ तैनात हैं। कार्यालय में साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच विचारों का सामंजस्य बैठा और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी होती गई। लंबे समय तक एक-दूसरे के स्वभाव और कार्यशैली को समझने के बाद, दोनों ने इस रिश्ते को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

पारिवारिक सहमति से हुयी दोनों की शादी
बाल संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा मूल रूप से पड़ोसी जिले गाजीपुर के सैदपुर कस्बे के रहने वाले हैं। उनके बारे में चर्चा है कि वह पूर्व जिलाधिकारी कुमार प्रशांत के रिश्तेदार भी हैं। वहीं, महिला कल्याण अधिकारी दीक्षा अग्रहरि स्थानीय जनपद के ही सैयदराजा नगर पंचायत क्षेत्र की निवासी हैं। दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद सैयदराजा के एक निजी लॉन में भव्य विवाह समारोह आयोजित किया गया।

आशीर्वाद देने पहुँचे अधिकारी और शुभचिंतक
इस वैवाहिक कार्यक्रम में केवल परिवार के सदस्य ही नहीं, बल्कि जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई इस शादी में सभी ने नवविवाहित जोड़े को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उपस्थित लोगों का कहना था कि दोनों अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में काफी सक्रिय और ईमानदार माने जाते हैं।

समाज सेवा के साथ वैवाहिक दायित्व
विभाग में चर्चा है कि किशन और दीक्षा ने न केवल अपने प्रशासनिक दायित्वों को बखूबी निभाया है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए भी बेहतर कार्य किए हैं। अब जीवनसाथी बनने के बाद सहकर्मियों को उम्मीद है कि उनकी यह जोड़ी समाज सेवा के कार्यों को और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएगी। यह विवाह पूरे जिले में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है।