चंदौली में गेहूं खरीद की तैयारी: जिले भर में खुलेंगे 63 केंद्र, किसानों का पंजीकरण शुरू, 15 मार्च के बाद सक्रिय होंगे केंद्र

 

'धान के कटोरे' के नाम से मशहूर चंदौली जिले में गेहूं खरीद की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। प्रशासन ने 63 क्रय केंद्रों को मंजूरी दे दी है। 15 मार्च से खरीद शुरू होने की उम्मीद है।

 
 

चंदौली में गेहूं खरीद की तैयारी

जिले में 63 नए क्रय केंद्र

किसान गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन

चंदौली जिला प्रशासन गेहूं खरीद

धान के कटोरे में गेहूं खरीद

'धान के कटोरे' के रूप में प्रसिद्ध चंदौली जिले में अब रबी की मुख्य फसल गेहूं की खरीद को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। किसानों की सुविधा के लिए जिले के सभी विकास खंडों में सरकारी क्रय केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इस बार गेहूं की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है।

63 केंद्रों को मिली मंजूरी
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में फिलहाल विभिन्न एजेंसियों के कुल 63 क्रय केंद्रों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों की उपज को सीधे सरकारी दरों पर खरीदा जाएगा। इसमें विपणन शाखा, पीसीएफ (PCF), पीसीयू (PCU), यूपीएसएस (UPSS) और भारतीय खाद्य निगम (FCI) जैसी एजेंसियां शामिल हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक विकास खंड में पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध हों ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर न जाना पड़े।

15 मार्च से शुरू होगी खरीद प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, जिले में गेहूं खरीद की संभावित तिथि 15 मार्च के बाद निर्धारित की गई है। हालांकि शासन की ओर से अभी खरीद का कुल लक्ष्य (Target) तय नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही लक्ष्य की घोषणा हो जाएगी। लक्ष्य मिलते ही खरीद की गति और तेज कर दी जाएगी। सभी केंद्रों पर किसानों के लिए बोरा, तौल मशीन, और झरना (सफाई मशीन) जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों का पंजीकरण शुरू
गेहूं की बिक्री के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। विभाग द्वारा केंद्रों पर पंजीकरण की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। किसान अभी से ही अपने जरूरी दस्तावेज लेकर ऑनलाइन पंजीकरण कराने में जुट गए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि सभी किसान समय रहते अपना पंजीकरण करवा लें ताकि उन्हें भुगतान में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों की क्या है तैयारी?
इस संबंध में डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि क्रय केंद्रों को सुव्यवस्थित करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन से लक्ष्य निर्धारित होते ही प्रक्रिया पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़ना पड़े और उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में मिले। आने वाले दिनों में इन केंद्रों के सुचारू संचालन से हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।