कई साल बाद दिखा विपक्ष का दम, सपा सांसद के धरने के बाद ठेकेदार पर FIR, इंजीनियर सस्पेंड; तीन सदस्यीय टीम गठित
चंदौली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरने से हड़कंप मच गया। सपा सांसद और विधायक के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने ठेकेदार पर FIR दर्ज कर जेई को निलंबित कर दिया है। जानिए क्या था हादसे का मुख्य कारण।
निर्माणाधीन रेल उपरिगामी सेतु का हिस्सा क्षतिग्रस्त
लापरवाह ठेकेदार मेसर्स श्रेष्ठाभिषेक बिल्डकॉन पर FIR
अवर अभियंता निलंबित और अधिकारियों पर विभागीय गाज
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का मौके पर जोरदार धरना
तीन सदस्यीय तकनीकी समिति करेगी मामले की जांच
चंदौली जनपद में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और कानूनी कार्रवाई देखने को मिली है। मुगलसराय-गया रेल सेक्शन पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का एक हिस्सा गिरने के मामले में शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि अवर अभियंता (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 11:00 बजे की है। डीएफसीसी (DFCC) रूट के सम्पार संख्या 78सी पर दो लेन के रेल उपरिगामी सेतु का कंक्रीटिंग कार्य चल रहा था। बनौली खुर्द साइड में जब एबटमेंट ए-2 और पियर पी-6 के बीच डेक स्लैब ढाला जा रहा था, तभी एक 'हाइड्रा' मशीन का बूम स्टेजिंग से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्टेजिंग के साथ निर्माणाधीन स्लैब का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
सपा नेताओं का धरना और राजनीतिक हलचल
हादसे की खबर मिलते ही गुरुवार शाम समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह और सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है और प्रशासन मामले में 'लीपापोती' करने की कोशिश कर रहा है। सांसद और विधायक रात भर धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद जिला प्रशासन और सेतु निगम को बैकफुट पर आना पड़ा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ।
सेतु निगम की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक (MD) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आदेश जारी किए हैं। कहा जा रहा है कि मामले में निलंबन और विभागीय जांच: कार्यस्थल पर तैनात अवर अभियंता (सिविल) को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, सहायक अभियंता और परियोजना प्रबंधक (चंदौली) के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर कॉन्ट्रेक्टर 'मेसर्स श्रेष्ठाभिषेक बिल्डकॉन प्रा० लि०, रामपुर' के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही साथ तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए संयुक्त प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय समिति बनाई गई है, जो 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
पुलों की गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ईपीसी मोड पर हो रहे इस निर्माण कार्य में सुरक्षा उपकरणों और विशेषज्ञों की कमी थी। अब तकनीकी समिति यह जांच करेगी कि क्या केवल हाइड्रा की टक्कर ही हादसे की वजह थी या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में भी कोई कमी थी। फिलहाल, निर्माण कार्य को रोक दिया गया है और मलबे को हटाने की प्रक्रिया जारी है।