धान खरीद 2025-26: चंदौली में अब तक 57% लक्ष्य पूरा, किसानों के खाते में पहुँचे 277 करोड़ रुपये
 

चंदौली में धान खरीद प्रक्रिया तेजी से जारी है। जिला विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार अब तक 21 हजार से अधिक किसानों से धान खरीदकर 277 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 28 फरवरी तक चलने वाली इस प्रक्रिया में अवैध तस्करी पर भी पैनी नजर है।

 
 

चंदौली में 130 केंद्रों पर 28 फरवरी तक होगी धान खरीद

अब तक 21,490 किसानों से 1.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा

किसानों के आधार लिंक खातों में 277.13 करोड़ का भुगतान

बिहार बॉर्डर पर अवैध धान संचरण रोकने हेतु संयुक्त टीम गठित

राइस मिलर्स को 88 हजार मीट्रिक टन धान की डिलीवरी पूरी

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जनपद चंदौली में धान खरीद का अभियान सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में जिले में 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद जारी रहेगी। इस वर्ष चंदौली के लिए कुल 2,25,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 9 जनवरी 2026 तक प्रशासन ने 21,490 किसानों से 1,30,339.77 मीट्रिक टन धान खरीद लिया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 57.93 प्रतिशत है।

किसानों को करोड़ों का भुगतान और मिलिंग प्रक्रिया
प्रशासन की प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का मूल्य समय पर प्रदान करना है। अब तक की खरीद के सापेक्ष किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में 277.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही, खरीदे गए धान के निस्तारण की प्रक्रिया भी तेज है। राइस मिलर्स को अब तक 88,259.80 मीट्रिक टन धान की डिलीवरी दी जा चुकी है, जबकि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के डिपो में 36,781.56 मीट्रिक टन फोर्टीफाइड चावल का सम्प्रदान कराया जा चुका है।

बिहार बॉर्डर पर अवैध तस्करी के खिलाफ 'स्पेशल टीम'
जनपद के किसानों के हितों की रक्षा के लिए जिलाधिकारी ने बिहार बॉर्डर से आने वाले अवैध धान के संचरण पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। ककरैत, धरौली और नौबतपुर जैसे बॉर्डर क्षेत्रों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए उपजिलाधिकारी, मंडी सचिव और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यदि कोई भी बिचौलिया या बाहरी व्यक्ति जनपद के भीतर अवैध रूप से धान लाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

क्रय केंद्रों की व्यवस्था और किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपील
जिले में कुल 130 धान क्रय केंद्र क्रियाशील हैं, जिनमें खाद्य विभाग, PCF, PCU और मंडी समिति के केंद्र शामिल हैं। जिला विपणन अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान पूरी तरह सुखाकर ही केंद्रों पर लाएं। उन्होंने विशेष रूप से सुझाव दिया कि किसान अपना धान खुले आसमान के नीचे न छोड़ें ताकि अचानक होने वाली बारिश से फसल सुरक्षित रहे। साथ ही, रविवार या अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर केंद्र पर न आने का अनुरोध किया गया है, ताकि अनावश्यक भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।