चुनाव से पहले पंचायतों में घोटालों की गूंज, 50 गांवों में जांच शुरू, डीएम ने बनाई विशेष टीम
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ीं शिकायतें, प्रशासन हुआ सतर्क
50 से अधिक ग्राम पंचायतों में जांच शुरू
मनरेगा, स्वच्छता मिशन और 15वें वित्त आयोग पर उठे सवाल
चंदौली जिले में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही ग्राम पंचायतों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में घोटालों की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। जिला प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो तय समय में रिपोर्ट सौंपेगी।
सूत्रों के अनुसार, चंदौली जिले के नौ विकास खंडों में हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विभिन्न योजनाओं के तहत जारी किया जाता है। इनमें मनरेगा, स्वच्छता मिशन, राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है, लेकिन शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि इन पैसों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के घोटाले किए गए हैं।
ग्राम पंचायतों में जांच की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, जिन पंचायतों में शिकायतें आई हैं, वहां सड़कों, नालियों, सामुदायिक भवनों और जलनिकासी जैसी परियोजनाओं पर भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। कई जगहों पर तो बजट खर्च दिखाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानों और सचिवों की मिलीभगत से बजट का गबन किया गया है। चुनाव नजदीक आने के साथ विपक्षी दलों ने भी इन मुद्दों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बीते एक महीने में डीएम कार्यालय में प्रतिदिन दो से तीन नई शिकायतें पहुंच रही हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज सिन्हा ने बताया कि “जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी नौ विकास खंडों में जांच टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों की बैठक बुलाकर जांच की रूपरेखा तय की गई है। चुनाव के मद्देनज़र शिकायतों की संख्या बढ़ी है, इसलिए सभी रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और प्रधानों से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, ग्रामीणों की उम्मीद है कि इस कार्रवाई से विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।