चंदौली बस डिपो का कब खत्म होगा इंतजार खत्म; बजट की किस्त न मिलने से लटका है निर्माण

 

चंदौली जनपद के लिए परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने वाली है। 22 करोड़ की लागत से बनने वाले बिछियां रोडवेज डिपो का निर्माण कार्य इसी माह बजट की किस्त मिलने के बाद शुरू होगा, जिससे वाराणसी पर निर्भरता खत्म होगी और जिले को नया राजस्व मिलेगा।

 
 

22 करोड़ की लागत से बनेगा डिपो

बिछियां में 4.5 एकड़ में फैला परिसर

वाराणसी कैंट डिपो पर निर्भरता होगी खत्म

सीएंडडीएस संस्था जल्द शुरू करेगी निर्माण

चंदौली जनपद के निवासियों के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के समीप बिछियां में प्रस्तावित चंदौली रोडवेज बस डिपो के निर्माण की सभी बड़ी बाधाएं अब पूरी तरह दूर हो गई हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को अब धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, करीब 22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस आधुनिक बस डिपो का निर्माण कार्य इसी माह के अंत तक हर हाल में शुरू होने की प्रबल संभावना है।

सर्वे और डीपीआर का काम हुआ पूरा, केवल बजट का है इंतजार
परियोजना की वर्तमान स्थिति को लेकर विभाग पूरी तरह आश्वस्त है। डिपो निर्माण के लिए आवश्यक सर्वे का कार्य पहले ही संपन्न किया जा चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को शासन की हरी झंडी मिल चुकी है। वर्तमान में परिवहन विभाग को केवल बजट की पहली किस्त जारी होने की प्रतीक्षा है। बिछियां में बनने वाला यह नया बस डिपो लगभग 4.5 एकड़ की विस्तृत भूमि पर फैला होगा। इस डिपो को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को पेयजल, विश्राम गृह और सूचना केंद्र जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें।

वाराणसी के कैंट और काशी डिपो पर निर्भरता होगी समाप्त
वर्तमान में चंदौली जिले का अपना डिपो न होने के कारण यहां की लगभग 50 सरकारी बसें वाराणसी के कैंट बस डिपो से संचालित की जाती हैं। इन बसों के रखरखाव और ठहराव के लिए वाराणसी के गोलगड्डा स्थित काशी डिपो पर निर्भर रहना पड़ता है। इस व्यवस्था के कारण बसों के संचालन में न केवल अतिरिक्त समय खर्च होता है, बल्कि चंदौली को मिलने वाले राजस्व का लाभ भी अन्यत्र चला जाता है। चंदौली में स्वतंत्र डिपो का निर्माण होने से बसों का संचालन सुगम होगा और जिले के आर्थिक विकास को एक नई गति प्राप्त होगी।

कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को सौंपी गई जिम्मेदारी
क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक उमाशंकर त्रिपाठी ने इस संबंध में सकारात्मक जानकारी साझा करते हुए बताया कि डिपो निर्माण की सभी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस महीने के अंत तक निर्माण लागत की पहली किस्त प्राप्त हो जाएगी। जैसे ही फंड विभाग के खाते में आएगा, नामित कार्यदायी संस्था 'सीएंडडीएस' (C&DS) तुरंत मौके पर निर्माण कार्य प्रारंभ कर देगी। इस डिपो के बनने से न केवल स्थानीय यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।