देखें वीडियो..इस ब्लॉक में ठेंगे पर रहता है  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'सम्मान', कचरे में फेंक रखी है जल जीवन मिशन की बुकलेट

योजनाओं के प्रचार-प्रसार और लाभ देने की बजाय केवल कागजी खानापूर्ति कर सरकारी संसाधनों को बर्बाद किया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या एक्शन लिया जाता है।
 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी तस्वीरों का अपमान


नियामताबाद ब्लॉक के अधिकारी लगा रहे हैं योजना पर पलीता


 जल जीवन मिशन की हजारों बुकलेट कचरे के ढेर में


 CDO बोले - दोषियों पर होगी ऐसी लापरवाही के लिए कार्रवाई 

चंदौली जिले के नियमताबाद ब्लॉक में सरकारी लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां जल जीवन मिशन की हजारों बुकलेट, जिन पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें थीं, ब्लॉक कैंपस की टंकी के नीचे कचरे में फेंकी मिलीं। लाखों रुपए मूल्य की ये बुकलेट ग्रामीणों में जागरूकता के लिए वितरित की जानी थीं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरे अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बुकलेट का यह बड़ा ढेर कई दिनों से कैंपस में पड़ा हुआ था। इससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित अधिकारी न तो योजना की गंभीरता को समझ रहे थे और न ही सरकारी आदेशों का पालन कर रहे थे।

कचरे जैसे हालत में पड़ी जल जीवन मिशन की प्रचार सामग्री

मामले की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर पहुंचने पर, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साईं ने कहा कि वे "जल जीवन मिशन के अधिकारी से दिखवाते हैं।" हालांकि, इस बयान के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी सामग्री कचरे में कैसे फेंक दी गई और इसका वास्तविक जिम्मेदार कौन है।

कचरे जैसे हालत में पड़ी जल जीवन मिशन की प्रचार सामग्री

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रहे हैं, तो जमीनी स्तर पर अधिकारी इतनी बड़ी लापरवाही क्यों कर रहे हैं।