चंदौली में गरजे कांग्रेसी: महोबा दलित छात्रा कांड पर सरकार को घेरा, भाजपा मंत्रियों व विधायकों की संपत्ति जांच की मांग

 

महोबा दलित छात्रा प्रकरण और नीट पेपर लीक को लेकर चंदौली में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने मंत्रियों-विधायकों की संपत्ति जांचने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

 
 

महोबा दलित छात्रा प्रकरण पर हंगामा

अजय राय के दौरे को रोकने का आरोप

भाजपा नेताओं की संपत्ति जांचने की मांग

नीट पेपर लीक पर मांगा इस्तीफा

चंदौली कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक

महोबा दलित छात्रा कांड : भाजपा नेताओं की संपत्ति सार्वजनिक करने की उठी मांग, चंदौली कांग्रेस का तीखा हमला; नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, कहा- भ्रष्टाचार में डूबी सरकार

 चंदौली जिले में स्थित कांग्रेस पार्टी के जिला मुख्यालय कार्यालय 'पॉइंट त्रिपाठी भवन' में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक का आयोजन किया गया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने महोबा में एक दलित छात्रा के कथित अपहरण, 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखने और उत्पीड़न के मामले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस नेताओं ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार का कोई भी संवेदनशील प्रतिनिधि पीड़ित परिवार का दर्द बांटने या उनसे मिलने आज तक महोबा नहीं पहुंचा।

अजय राय के दौरे को रोकने की हुई कोशिश
जारी प्रेसनोट के अनुसार, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय महोबा में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे, तो प्रशासन और सरकार द्वारा उन्हें रोकने का पुरजोर प्रयास किया गया। तमाम अड़चनों के बावजूद अजय राय पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार का दुख साझा किया। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार उनके इस दौरे से बुरी तरह घबरा गई थी और जानबूझकर विरोध प्रदर्शन कराकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई।

इसी मुद्दे को लेकर चंदौली में जिला आंदोलन समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं की एक विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने भाजपा को नैतिकता की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत अजय राय की संपत्ति की जांच की मांग की जा रही है, जबकि उनका सार्वजनिक जीवन पूरी तरह से पारदर्शी रहा है।

भाजपा मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति जांच की उठी मांग
जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी और आंदोलन समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है, तो उसे सबसे पहले नैतिकता दिखानी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार अपने सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की आय से अधिक संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराए और उनकी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, स्थानीय निकायों और धार्मिक स्थलों विशेषकर अयोध्या में हुए विकास कार्यों और खर्चों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार व अनियमितताएं हो रही हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि आगरा नगर निगम द्वारा एक निजी बिजली कंपनी के करोड़ों रुपये माफ करके बड़े पूंजीपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अपने नेताओं की जांच करानी चाहिए।

नीट परीक्षा लीक पर धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
महोबा प्रकरण के अलावा, कांग्रेस ने देश में चल रहे नीट (NEET) परीक्षा विवाद सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और इसके कारण देश भर के परीक्षार्थियों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के अत्यंत गंभीर मामले को भी प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और राजनीतिक दबाव की इस संस्कृति के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। महोबा की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस का संघर्ष लगातार चलता रहेगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दया राम पटेल, राजेंद्र गौतम, चंद्रशेखर पटेल, रामानंद यादव, गंगा प्रसाद, शिवेंद्र मिश्रा, जुगल किशोर, बृजेश यादव, राकेश सिंह, रामअवध यादव, समरजीत राम, गुलाब शास्त्री और राजेश सिंह सहित भारी संख्या में अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।