सावधान चंदौली: इंस्टाग्राम पर 'RTO 67' के नाम से चल रहा ठगी का गंदा खेल, चालान के नाम पर उड़ रहे पैसे
चंदौली में साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम पर 'RTO 67' नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को लूटना शुरू कर दिया है। चालान निपटाने के नाम पर फर्जी पेमेंट कराई जा रही है। एआरटीओ और साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इंस्टाग्राम पर फर्जी RTO अकाउंट सक्रिय
चालान निपटाने के नाम पर ठगी
ऑनलाइन पेमेंट का झांसा दे रहे ठग
एआरटीओ ने आधिकारिक पोर्टल की सलाह दी
साइबर पुलिस ने जारी किया अलर्ट
आज के डिजिटल दौर में जहां एक तरफ हमारी जिंदगी आसान हुई है, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठग भी हमें लूटने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला चंदौली जिले से सामने आया है, जहां ठगों ने लोगों की जेब साफ करने का एक बिल्कुल नया और अनोखा तरीका निकाल लिया है। इस नए फर्जीवाड़े को देखकर खुद जिले के अधिकारी भी हैरान हैं और उन्होंने आम जनता से तुरंत सावधान होने की अपील की है।
इंस्टाग्राम पर 'RTO' का फर्जी खेल
दरअसल, साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'RTO 67' के नाम से एक फर्जी अकाउंट बना लिया है। चंदौली का आरटीओ कोड (UP 67) होने के कारण लोग आसानी से इस झांसे में आ रहे हैं। ठग इस अकाउंट का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और उनसे मोटी रकम वसूल रहे हैं।
चालान के नाम पर हो रही लूट
इस ठगी का तरीका बेहद शातिर है। ये ठग उन लोगों को निशाना बनाते हैं जिनका गाड़ियों का चालान कटा होता है। इसके बाद ये लोग इंस्टाग्राम के जरिए वाहन मालिकों से संपर्क करते हैं और भारी-भरकम चालान को सस्ते में या जल्दी निपटाने का लालच देते हैं। लोग भी आरटीओ का नाम देखकर इन पर भरोसा कर लेते हैं और इनके जाल में फंस जाते हैं।
फर्जी लिंक से करा रहे ऑनलाइन पेमेंट
झांसे में लेने के बाद साइबर अपराधी लोगों को एक फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का लिंक या क्यूआर कोड भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फर्जी अकाउंट पर पैसे ट्रांसफर करता है, वह ठगी का शिकार हो जाता है। पैसे सीधे ठगों के खाते में चले जाते हैं और लोगों का चालान भी जस का तस बना रहता है।
अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी
इस बड़े फर्जीवाड़े को देखते हुए चंदौली के एआरटीओ (ARTO) ने लोगों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि विभाग किसी भी सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए चालान के पैसे नहीं मांगता है। गाड़ी का चालान भरने के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकार के आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें, किसी दूसरे लिंक पर क्लिक न करें।
साइबर पुलिस ने कहा- रहें सतर्क
इस मामले को लेकर जिले की साइबर पुलिस भी पूरी तरह एक्टिव हो गई है। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अनजान मैसेज या फर्जी अकाउंट के बहकावे में न आएं। अगर कोई भी शख्स आरटीओ अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।