इनकम टैक्स देने वाली 200 महिलाएं ले रही हैं विधवा पेंशन, आधार कार्ड ने खोली पोल, होगी रिकवरी

 

चंदौली जिले में निराश्रित महिला पेंशन योजना के सत्यापन में 200 से अधिक लाभार्थी महिलाएं इनकम टैक्स दाता पाई गई हैं। आयकर विभाग के डेटा मिलान के बाद प्रशासन ने इनकी पेंशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

 
 

चंदौली में 200 निराश्रित महिलाएं आयकरदाता

विधवा पेंशन योजना की राशि रोकी

आयकर विभाग के डेटा से खुलासा

प्रोबेशन विभाग कर रहा जमीनी सत्यापन

अपात्रों से होगी धनराशि की रिकवरी

चंदौली जिले में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना के वार्षिक सत्यापन के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। आयकर विभाग से प्राप्त डेटा के मिलान में जिले की करीब 200 लाभार्थी महिलाएं आयकरदाता (टैक्सपेयर) पाई गई हैं। इस बड़े खुलासे के बाद शासन के निर्देश पर संबंधित महिलाओं की पेंशन राशि के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

आधार लिंक होने से खुला राज
भारत सरकार की वेबसाइट पर आधार कार्ड लिंक होते ही आयकर विभाग के पास ऐसे पेंशन धारकों का डेटा आसानी से उपलब्ध हो जाता है। आयकर विभाग की ओर से मिली अपात्रों की सूची प्रोबेशन विभाग को सौंपी गई थी। वर्तमान में जिले के अंदर 39 हजार से अधिक निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। नियम के मुताबिक, दो लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाली महिलाएं ही इस योजना के लिए पात्र हैं।

झोपड़ी में रहने वालों के नाम भी सूची में शामिल
प्रोबेशन विभाग जब इन सूची में शामिल महिलाओं के घर जाकर स्थलीय सत्यापन कर रहा है, तो कई अजीब कहानियां सामने आ रही हैं। मौके पर कई ऐसी महिलाएं भी मिली हैं जो झोपड़ी में रहती हैं, लेकिन उनके परिवार के लोगों द्वारा क्रेडिट कार्ड लेने या बैंक लोन लेने के कारण उनका नाम भी आईटीआर या आयकरदाता की श्रेणी में दर्ज हो गया है।

अपात्रों से होगी धनराशि की रिकवरी
सूची सार्वजनिक होने के बाद लाभार्थियों में हड़कंप मच गया है। कई महिलाएं शपथ पत्र देकर आपत्ति जता रही हैं कि यदि परिवार का कोई अन्य सदस्य टैक्सपेयर है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार का कहना है कि 180 से अधिक लाभार्थियों की सूची पर सत्यापन जारी है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी या अपात्र पाए जाएंगे, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और अब तक दी गई राशि की रिकवरी भी होगी।