पर्यटकों की सुरक्षा के लिए चेतावनी: औरवाटाड़ जलप्रपात पर अब नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई
वन क्षेत्राधिकारी ने किया इलाके का दौरा
बोले- जलप्रपात पर बढ़ेंगी सुविधाएं और सुरक्षा के लिए रेलिंग
मनोरंजन हेतु जिप लाइन बनाकर दी जाएगी सुविधा
बारिश से बचाव के लिए टिन शेड और गोल हट भी बनाए जाएंगे
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में स्थित औरवाटाड़ जलप्रपात का डीएफओ बी. शिवशंकर (IFS) ने बुधवार को गहन निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह जलप्रपात सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि चंदौली जिले की धरोहर और वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। इस वजह से यहां किसी भी तरह की गंदगी, अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेतावनी दी कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ अब तुरंत कार्रवाई होगी और किसी को भी छूट नहीं मिलेगी।
सफाई और कचरा निस्तारण पर सख्ती, रेंजर को दिया आदेश
डीएफओ ने वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ संजय श्रीवास्तव को आदेश दिया है कि प्लास्टिक और अन्य गंदगी फैलाने वालों पर निगरानी रखी जाए और उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर पर्यटक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में निगरानी और भी कड़ी की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जलप्रपात परिसर की गंदगी और भीड़ की स्थिति पर भी अधिकारियों ने गंभीर चर्चा की।
सुविधाओं का होगा विस्तार
रेंजर नौगढ़ संजय कुमार श्रीवास्तव ने चंदौली समाचार को बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जलप्रपात किनारे रेलिंग लगाई जाएगी ताकि कोई आगंतुक खतरे की जगह पर न जाए। मनोरंजन की दृष्टि से यहां जिप लाइन शुरू करने की योजना है, जिससे यह स्थल और आकर्षक बनेगा। बारिश से बचाव के लिए टिन शेड और गोल हट बनाए जाएंगे ताकि अचानक मौसम बदलने पर पर्यटक सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम न केवल पर्यटकों को सुविधा देंगे बल्कि यहां पर्यटन को भी नई पहचान दिलाएंगे।
सुरक्षा इंतजाम और सीमांकन
उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) वरुण प्रताप सिंह दुबे ने कहा कि जलप्रपात पर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए चेतावनी बोर्ड, सीमांकन और संवेदनशील क्षेत्रों में वनकर्मियों की ड्यूटी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आगंतुक निर्धारित सीमा से बाहर जाएंगे तो उन्हें रोका जाएगा। साथ ही, विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाते समय पूरी तरह सुरक्षित रहें। कहा कि सुरक्षा इंतजाम जितने बेहतर होंगे, उतनी ही यहां पर्यटकों की संख्या और संतुष्टि बढ़ेगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी चर्चा हुई कि जलप्रपात पर बढ़ती भीड़ के कारण यहां सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लागू करना आवश्यक है। डीएफओ ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल विभाग की नहीं है बल्कि हर पर्यटक की भी है कि वह नियमों का पालन करे और प्राकृतिक धरोहर को नुकसान न पहुंचाए।
आने वाले दिनों में दिखेगा और जलप्रपात पर विकास....
डीएफओ बी. शिवशंकर ने कहा कि औरवाटाड़ जलप्रपात को आने वाले दिनों में और भी विकसित किया जाएगा। यहां ऐसी व्यवस्थाएं की जाएंगी जिनसे पर्यटन का स्तर बढ़े और साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि विभाग का मकसद यह है कि औरवाटाड़ जलप्रपात न सिर्फ चंदौली जिले का बल्कि पूरे प्रदेश का एक प्रमुख आकर्षण बने।
डीएफओ द्वारा दिए गए आदेश की मुख्य बातें
- परिसर में प्लास्टिक और गंदगी पर पूर्ण प्रतिबंध।
- रेलिंग, सीमांकन और चेतावनी पट्टिका जल्द लगाई जाएंगी।
- जिप लाइन, टिन शेड और गोल हट जैसी नई सुविधाएं शुरू होंगी।
- वनकर्मियों की गश्त और निगरानी और अधिक मजबूत होगी।
- उल्लंघन करने वालों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई होगी।