समाजवादी पार्टी का सीधा आरोप, धानापुर तहसील और गंगा पुल निर्माण में जानबूझकर कोताही बरत रही है डबल इंजन की सरकार
धानापुर तहसील और नगवां गंगा पुल निर्माण में देरी पर भड़के रामकिशुन यादव
BJP पर लगाया वादा-खिलाफी का आरोप
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी धानापुर को नहीं मिली नई तहसील
पूर्व सांसद ने कहा- सत्ता में इच्छाशक्ति की कमी
चंदौली जिले के समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने धानापुर के विकास कार्यों में हो रही भारी देरी को लेकर सत्ताधारी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। रविवार को पत्र प्रतिनिधियों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार दो बार भाजपा की बहुमत की सरकार होने के बावजूद धानापुर को तहसील बनाने और नगवां-चोचकपुर घाट पर गंगा में पक्का पुल के निर्माण जैसे जनहित के कार्य ठंडे बस्ते में पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में तनिक भी इच्छाशक्ति होती, तो ये कार्य कब के पूरे हो गए होते।
सात साल बाद भी केवल आश्वासन की घुट्टी
यादव ने इस अति पिछड़े क्षेत्र की जनता की मांग को अनदेखा करने पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के सात वर्ष पूरे हो जाने के बाद भी यहां की जनता को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी ही मिली है। पूर्व सांसद ने भाजपा पर जाति-धर्म की राजनीति करने और विकास के वायदों को भूल जाने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में बनारस, मिर्जापुर और चंदौली में गंगा नदी पर पुल बनाने का काम हुआ था, जबकि मौजूदा सरकार ने चंदौली में एक भी नया पुल बनाने का काम नहीं किया।
एमएलए, एमपी और सीएम का वादा भी अधूरा
मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब धानापुर विकास मंच के संयोजक गोविंद उपाध्याय ने बताया कि केवल स्थानीय विधायक सुशील सिंह या तत्कालीन सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ही नहीं, बल्कि खुद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुले मंच से इन दोनों कार्यों के लिए आश्वासन दे चुके हैं।
गोविंद उपाध्याय ने कहा कि चुनाव आते ही नेता तहसील और पुल निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन परिणाम आने के बाद जनता से किए गए अपने ही वायदे भूल जाते हैं। उन्होंने जनहित में इन कार्यों को अविलम्ब पूर्ण किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।