जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से जोड़ने का फैसला गलत, सपा ने दी आंदोलन की चेतावनी
भाजपा सरकार के गलत फैसले का होगा विरोध
वर्षों पुराने जिला अस्पताल का अस्तित्व खतरे में
सपा ने की पुरानी सुविधाएं बहाल करने की मांग
चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) ने चंदौली में बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल को जोड़ने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने इस कदम को गलत बताते हुए इसके खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से जिला अस्पताल का अस्तित्व खतरे में आ गया है और गरीब मरीजों का शोषण हो रहा है।
सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि भाजपा सरकार के इस "गलत फैसले" के कारण पंडित कमला त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल का वजूद खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर से कमीशन पर जांच और दवाएं लिखने के लिए भेजा जा रहा है। इससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है।
सत्यनारायण राजभर ने कहा कि जिला अस्पताल एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है, जो लंबे समय से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर रही है। इसे मेडिकल कॉलेज से जोड़कर इसकी सुविधाओं को सीमित कर दिया गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
सपा ने की पुरानी सुविधाएं बहाल करने की मांग
सपा जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि जिला अस्पताल की सभी पुरानी सुविधाओं को तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला अस्पताल को उसके पुराने स्वरूप में वापस लाया जाए, ताकि गरीब मरीज बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपना इलाज करा सकें।
राजभर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि सपा इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जा सकती है और इसके लिए आंदोलन भी किया जाएगा। यह बयान इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा आने वाले समय में जिले की राजनीति में एक बड़ा विषय बन सकता है।
जनहित के मुद्दों पर सपा की लड़ाई जारी
सत्यनारायण राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनहित के मुद्दों के लिए लड़ती रही है। यह मामला भी सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, खासकर उन गरीब मरीजों से जो सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर हैं। पार्टी का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए सुलभ और सस्ती होनी चाहिए। यह मुद्दा दिखाता है कि सपा राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की बिगड़ती स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त कर रही है और इसे लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।