पिता ने किया जिंदा बेटी का पिंडदान: दूसरी बिरादरी में लव मैरिज करने से नाराज, परिवार ने तोड़े सारे रिश्ते

 

चंदौली के जगदीशराय गांव में परिवार की मर्जी के बिना दूसरी जाति के लड़के से कोर्ट मैरिज करने पर एक पिता का गुस्सा फूट पड़ा। आहत पिता ने पितृ विसर्जन के दिन पीपल के नीचे अपनी 20 वर्षीय जिंदा बेटी का पिंडदान कर दिया।

 
 

चंदौली में जिंदा बेटी का पिंडदान

परिवार के खिलाफ अंतरजातीय कोर्ट मैरिज

पिता ने पीपल नीचे किया श्राद्ध

समाज में बदनामी से नाराज परिवार

बेटी ने घर लौटने से किया इंकार

चंदौली जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित जगदीशराय गांव में शनिवार शाम एक पिता ने अपनी ही जिंदा बेटी का पिंडदान कर दिया। बेटी द्वारा परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह करने की वजह से पिता इस कदर आहत थे कि उन्होंने पितृ विसर्जन के मौके पर उससे सभी रिश्ते खत्म करने का ऐलान कर दिया।

दो महीने पहले की थी कोर्ट मैरिज
जगदीशराय गांव के रहने वाले प्रकाश सिंह पेशे से किसान हैं और उनके तीन बच्चे हैं। उनकी सबसे बड़ी 20 वर्षीय बेटी नेहा सिंह ने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। नेहा का अफेयर गांव के ही पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी किशोरी पासवान के 24 वर्षीय बेटे सावन से चल रहा था। दो महीने पहले नेहा अपना घर छोड़कर सावन के साथ चली गई थी और दोनों ने परिवार की सहमति के बिना कोर्ट मैरिज कर ली थी। शादी के बाद से ही दोनों सोनभद्र शहर में पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं।

समझाने के बाद भी नहीं मानी बेटी
घर से चले जाने के बाद परिवार के लोगों ने नेहा को वापस लाने और समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटी। नेहा का साफ कहना था कि वह सावन से बहुत प्यार करती है और उसे कभी धोखा नहीं दे सकती, वे दोनों मरते दम तक एक-दूसरे का साथ निभाएंगे। बेटी के इस कड़े रुख के बाद परिवार ने उससे अपने सारे नाते तोड़ने का मन बना लिया।

पीपल के नीचे किया बेटी का श्राद्ध
बेटी के फैसले से बेहद दुखी और गुस्साए पिता प्रकाश सिंह ने शनिवार शाम करीब 5 बजे अपने घर से 200 मीटर दूर स्थित एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर बेटी का विधिवत पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर दिया। पिता ने कहा कि बेटी ने दूसरी जाति में शादी करके परिवार के सम्मान को ठेस पहुंचाई है और समाज में उनकी बदनामी कराई है। अब उनका उस लड़की से कोई लेना-देना नहीं है और वह उनके लिए पूरी तरह से मर चुकी है।

पिता और परिवार का छलका दर्द
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रकाश सिंह ने कहा कि माता-पिता बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जीवन भर बहुत त्याग करते हैं। उनकी इच्छा होती है कि बच्चे जिंदगी के बड़े फैसलों में परिवार को साथ रखें और उनकी भावनाओं की कद्र करें। लेकिन बेटी के इस कदम से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है और अब वे समाज में कहीं के नहीं बचे हैं।

पूरा परिवार पिता के फैसले के साथ
प्रकाश सिंह के छोटे भाई पप्पू सिंह ने बताया कि परिवार ने नेहा को बेहद लाड-प्यार से बेटे की तरह पाला-पोसा था। पूरा परिवार चाहता था कि नेहा अपनी ही जाति में शादी करे। लेकिन उसके इस फैसले से परिवार को गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार बड़े भाई प्रकाश सिंह के इस फैसले से पूरी तरह सहमत है।