पराग डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, खामियों को देखने के बाद जमकर भरे गए सैंपल
जांच टीम को गेट पर रोकने की कोशिश
टीम के पहुंचते ही कर्मचारियों ने किया विरोध
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कई सामानों की सैंपलिंग से मचा है हड़कंप
चंदौली जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की पराग डेयरी पर छापेमारी की। इस दौरान डेयरी कर्मचारियों ने टीम का विरोध करते हुए सरकारी गाड़ी को गेट पर रोक दिया और भीतर प्रवेश से रोकने का प्रयास किया। काफी विवाद और बहस के बाद टीम को अंदर जाने की अनुमति मिली, जिसके बाद निरीक्षण में कई खामियां उजागर हुईं।
खाद्य सुरक्षा टीम 20 अगस्त को सरकारी वाहन संख्या UP65EU4146 से पराग डेयरी पहुंची। टीम प्रभारी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी ने बताया कि प्रवेश के समय डेयरी कर्मचारियों ने गेट बंद कर रोकने का प्रयास किया। यहां तक कि जब उन्होंने पराग मैनेजर से संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन रिसीव नहीं किया गया। काफी देर तक विवाद और बहस के बाद टीम को निरीक्षण का मौका मिला।
निरीक्षण में मिली खामियां
अंदर पहुंचने के बाद टीम ने देखा कि किसी भी फूड हैंडलर ने एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे। वहीं, पैकेजिंग कक्ष का फर्श टूटा-फूटा और बेहद गंदा पाया गया। लैब निरीक्षण के दौरान भी गंभीर लापरवाही सामने आई। डेयरी लैब एनालिस्ट संविधान कुमार पनीर में फैट निर्धारित करने के मानक ही नहीं बता पाए।
अधिकारियों के निर्देश
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II कुलदीप सिंह ने पराग के क्वालिटी और सप्लाई मैनेजर अरविंद यादव को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के Schedule-IV के तहत हाइजीन मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही फूड हैंडलर्स को FOSTAC ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से कराने के आदेश दिए।
लिए गए कई सामानों के नमूने
जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टीम ने डेयरी से कई उत्पादों के सैंपल भरे और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इसमें शामिल हैं –
1. दूध
2. पनीर
3. मलाई पेड़ा
4. स्टैंडराइज्ड मिल्क
5. गाय का दूध
6. लाल पेड़ा
7. बेसन लड्डू
8. पास्चुराइज्ड टोंड मिल्क
9. पी. दूध
10. फुल क्रीम मिल्क
11. दही
इन सभी नमूनों को 21 अगस्त को संकलित कर प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों की सैंपलिंग लगातार जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। टीम ने आमजन और खाद्य कारोबारियों को भी जागरूक किया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें और इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें।
टीम में शामिल अधिकारी
छापेमारी करने वाली टीम में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II कुलदीप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी लालजीत यादव, अरविंद कुमार, मनोज कुमार गोंड और रणधीर सिंह यादव शामिल रहे।
इस कार्रवाई से खाद्य सुरक्षा विभाग का यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल होगा और किसी भी प्रतिष्ठान को मानक तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।