प्रधानाध्यापक ने स्कूल में अपने वेतन से बढ़ा दीं कई सुविधाएँ, शिक्षक दिवस पर मिलेगा पुरस्कार

दिसंबर 1999 में चकिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चतुरीपुर से शिक्षक जीवन की शुरुआत करने वाले हरिचरण राम का वर्ष 2004 में बबुरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरण हुआ।
 

बबुरी विद्यालय के प्रधानाध्यापक को मिला बड़ा सम्मान

5 सितंबर शिक्षक दिवस पर होगा राज्य स्तर पर सम्मान

110 से बढ़ाकर 225 छात्रों तक पहुंचाई विद्यालय की संख्या

वेतन से विद्यालय में कराईं बच्चों के लिए सुविधाएँ

चंदौली जिले के बबुरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बबुरी के प्रधानाध्यापक हरिचरण राम को प्रदेश सरकार की ओर से राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। बुधवार को जारी सूची में उनका नाम शामिल होते ही शिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

संघर्ष और समर्पण से मिली पहचान

दिसंबर 1999 में चकिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चतुरीपुर से शिक्षक जीवन की शुरुआत करने वाले हरिचरण राम का वर्ष 2004 में बबुरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरण हुआ। यहां आकर उन्होंने अपने समर्पण और मेहनत से विद्यालय का स्वरूप ही बदल दिया।

बढ़ाई छात्र संख्या और दी नई दिशा

ज्वाइनिंग के समय विद्यालय की छात्र संख्या महज 110 थी, जो अब बढ़कर 225 हो गई है। विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

वेतन से कराई सुविधाएँ

हरिचरण राम ने विद्यालय में कई सुविधाएँ अपने वेतन से उपलब्ध कराईं। उन्होंने छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और विभिन्न कलाओं में पारंगत होने का अवसर दिया।

पुरस्कार और उपलब्धियाँ

हरिचरण राम को इससे पहले भी 10 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें – उत्कृष्ट शिक्षक, उत्कृष्ट विद्यालय, स्वच्छता पुरस्कार, ग्रीन स्कूल ऑफ द ईयर, चेंज ऑफ द नेशन जैसी उपलब्धियाँ शामिल हैं।

बच्चों का बेहतर प्रदर्शन

उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के बच्चे प्रदेश स्तर पर बैडमिंटन प्रतियोगिता में और जिला स्तर की लगभग सभी प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय आविष्कार परीक्षा में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

बधाईयों का तांता

राज्य शिक्षक पुरस्कार की घोषणा के बाद विद्यालय व क्षेत्र में जश्न का माहौल है। व्यापार मंडल अध्यक्ष शशि गांधी ने विद्यालय पहुंचकर उनका स्वागत किया, जबकि पूर्व ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल ने ग्रामीणों के साथ बधाई दी।

हरिचरण राम ने कहा कि मेहनत का फल आखिरकार मिल ही गया। यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे विद्यालय, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की मेहनत व सहयोग का परिणाम है।