प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर हाईवे पर हाई अलर्ट, यूपी–बिहार बॉर्डर से वाराणसी तक भारी पुलिस तैनाती
नौबतपुर से वाराणसी तक नेशनल हाईवे-19 पर पुलिस का पहरा
6 थानों की फोर्स और क्षेत्राधिकारी सदर रहे तैनात
प्रधानमंत्री मोदी की भभुआ सभा और वाराणसी यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा बढ़ी
चंदौली जिले के यूपी–बिहार बॉर्डर स्थित नौबतपुर से लेकर वाराणसी तक नेशनल हाईवे-19 पर शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। दोपहर लगभग 12 बजे से शाम 6:30 बजे तक हाईवे पर चार थानों की फोर्स, दो अतिरिक्त थाना प्रभारी तथा एक क्षेत्राधिकारी सुरक्षा की निगरानी में तैनात रहे। हाईवे पर अचानक इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय होने से स्थानीय क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं।
सूत्रों के अनुसार नेशनल हाईवे 19 पर तैनात इस फोर्स में चंदौली जनपद के सैयदराजा, सदर चंदौली, अलीनगर तथा मुगलसराय थानों की पुलिस शामिल रही। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के रूप में सकलडीहा और बबुरी थाने के थाना प्रभारियों को भी मार्ग पर तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था की पूरी मॉनिटरिंग सदर क्षेत्राधिकारी (CO) देवेंद्र कुमार स्वयं कर रहे थे और लगातार हाईवे के विभिन्न हिस्सों पर गश्त करते रहे।
सदर क्षेत्राधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भभुआ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा प्रस्तावित थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री का वाराणसी आगमन निर्धारित है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी एयरपोर्ट तक हवाई मार्ग के अलावा सड़क मार्ग को भी आपातकालीन विकल्प के रूप में तैयार रखा गया है। किसी तकनीकी कारण, मौसम या अन्य आकस्मिक स्थिति में यदि एयरलिफ्ट या हवाई यात्रा में बाधा उत्पन्न होती है, तो प्रधानमंत्री के काफिले को सुरक्षित सड़क मार्ग से वाराणसी तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि यह सुरक्षा तैनाती पूरी तरह सतर्कता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के वाराणसी पहुंचने तक पुलिस बल हाईवे पर मुस्तैदी से डटा रहेगा। साथ ही मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारू रहे, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को भी सतर्क रखा गया है। हाईवे के किनारों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, भीड़ नियंत्रण और मार्ग को हर परिस्थिति में सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस सक्रियता को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर भी चलता रहा। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह तैनाती केवल सुरक्षा मानकों के पालन हेतु की गई है, जिससे आपात स्थिति में प्रधानमंत्री को सुरक्षित वैकल्पिक सड़क मार्ग उपलब्ध रह सके।
इस दौरान पुलिस कर्मियों को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया और सुरक्षा व्यवस्था देर रात तक कड़ी निगरानी में बनी रही।