अधिवक्ता की हत्या के बाद वकीलों में आक्रोश, परिजनों के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग

वकीलों ने मांग की है कि मृतक अधिवक्ता के पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा मिले और फरार चल रहे आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
 

अधिवक्ता कमला यादव की हत्या से वकील नाराज

परिजनों के लिए न्याय और आर्थिक मदद की मांग

वकीलों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन 

चंदौली जनपद के जिला न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता कमला यादव की गुरुवार शाम उनके भाई, एक रिटायर्ड दरोगा द्वारा लाइसेंसी असलहे से गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से वकीलों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को जिला न्यायालय खुलने के बाद अधिवक्ताओं ने अपने मृतक साथी के परिजनों के लिए न्याय और आर्थिक मदद की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने मांग की है कि मृतक अधिवक्ता के पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा मिले और फरार चल रहे आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/zQWczXZ82D8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/zQWczXZ82D8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

क्या है पूरा मामला
यह दुखद घटना चंदौली जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के सिरसी गांव में गुरुवार की शाम को हुई। अधिवक्ता कमला यादव जब कचहरी से अपने घर लौटे, तो उनके बड़े भाई, जो कि एक रिटायर्ड दरोगा हैं, ने उन पर अपने लाइसेंसी हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से कमला यादव की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे जिले के अधिवक्ता सदमे में आ गए। कई वकील तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और प्रशासन से तुरंत आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। यह घटना एक परिवारिक विवाद का दुखद अंत है, जिसने पूरे न्यायिक समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।

वकीलों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन 
शुक्रवार को न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने बैठक कर इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। इसके बाद, वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला और उन्हें अपनी मांगों से संबंधित एक पत्रक सौंपा। पत्रक में तीन

मुख्य मांगें रखी गईं:

सरकारी नौकरी: अधिवक्ता कमला यादव के परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए।

मुआवजा: परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक रूप से स्थिर हो सकें।

गिरफ्तारी: हत्या के आरोपी रिटायर्ड दरोगा, जो घटना के बाद से फरार है, को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

विवाद की जड़
जानकारी के अनुसार, मृतक अधिवक्ता कमला यादव और उनके भाई के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद का मुख्य कारण उनकी माता के नाम पर लिया गया एक लोन था, जिसे चुकाने को लेकर दोनों भाइयों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। इस विवाद ने गुरुवार को तब और गंभीर रूप ले लिया जब जिला मुख्यालय की कचहरी में दोनों भाइयों के बीच मारपीट भी हुई।

कचहरी में हुई इस मारपीट के बाद, बड़ा भाई दंगला यादव गुस्से में आग बबूला हो गया। बताया जा रहा है कि इस अपमान का बदला लेने की नीयत से उसने कमला यादव का पीछा किया और जैसे ही वह अपने घर पहुंचा, उस पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर परिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। वकील समुदाय ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें और आरोपी को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाएं।