LPG वितरकों का देशव्यापी आंदोलन तेज: 5 अक्टूबर को कैंडल मार्च, 26 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना

LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने होम डिलीवरी शुल्क बढ़ाने और ई-केवाईसी भुगतान समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। 5 अक्टूबर को कैंडल मार्च के बाद 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा।
 

एलपीजी वितरकों का देशव्यापी आंदोलन

5 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च

26 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

'नो मनी, नो इंडेंट' अभियान की शुरुआत

होम डिलीवरी शुल्क में वृद्धि की मांग

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (I) ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का बड़ा ऐलान किया है। एसोसिएशन के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) से जुड़े देशभर के लगभग 26 हजार एलपीजी वितरक इस आंदोलन में एक साथ शामिल होंगे। आंदोलन की शुरुआत के तहत सोमवार, 5 अक्टूबर को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

'नो मनी, नो इंडेंट' अभियान और दिल्ली में धरना
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कैंडल मार्च के बाद आंदोलन के अगले चरण में 'नो मनी, नो इंडेंट' अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कोई भी वितरक तेल कंपनियों के बैंक खातों में अग्रिम राशि जमा नहीं करेगा और न ही रसोई गैस का नया इंडेंट (ऑर्डर) जारी करेगा। इसके बाद 26 अक्टूबर को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। एसोसिएशन ने साफ कहा है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।

होम डिलीवरी मार्जिन और ई-केवाईसी भुगतान की प्रमुख मांगें
वितरकों की सबसे मुख्य मांग होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क में कम से कम 75 रुपये की वृद्धि करना है। इसके साथ ही ग्राहकों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरा करने के बदले प्रति उपभोक्ता 236 रुपये का भुगतान डिस्ट्रीब्यूटर को करने की मांग उठाई गई है। एसोसिएशन ने पीएनजी (PNG) कनेक्शन लेने की अनिवार्यता वाले सरकारी आदेश को भी तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।

जबरन अन्य उत्पाद बेचने के दबाव पर रोक लगाने की अपील
वितरकों ने आरोप लगाया है कि तेल कंपनियाँ उन पर गैस चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल और ट्रॉली जैसे अतिरिक्त उत्पादों को ग्राहकों को जबरन बेचने का दबाव बना रही हैं, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। संगठन ने देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव से इन गंभीर समस्याओं पर तत्काल ध्यान देकर कार्रवाई करने की अपील की है।