सपा प्रवक्ता मनोज सिंह 'काका' का बड़ा बयान, ओमप्रकाश राजभर को बताया 'लफंडर नेता'
चंदौली में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह 'काका' ने ओमप्रकाश राजभर और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजभर को लफंडर नेता बताते हुए राम मंदिर के चंदे में धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मनोज सिंह काका ने राजभर को 'लफंडर नेता' कहा
सुभासपा के 4 विधायक सपा का झंडा लगाते हैं
राम मंदिर चंदा चोरी में सिंडिकेट का आरोप
चंपत राय की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
चंदौली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह 'काका' ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर बेहद तीखा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने राजभर को 'लफंडर नेता' करार देते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है।
मनोज सिंह काका ने दावा किया कि पीडीए (PDA) की ताकत की वजह से ही ओमप्रकाश राजभर को इतनी सीटें मिली थीं। लेकिन आज उनकी अपनी पार्टी में ही पकड़ ढीली हो चुकी है। सुभासपा के ही चार विधायक आज भी अंदरखाने समाजवादी पार्टी का झंडा बुलंद कर रहे हैं।
दलाली और टेली प्रॉम्टर होने का आरोप
सपा प्रवक्ता यहीं नहीं रुके, उन्होंने राजभर के परिवार पर भी सीधे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर के दोनों बच्चे लखनऊ में बैठकर सिर्फ और सिर्फ दलाली का काम करते हैं। राजभर को जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है। काका ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के 'टेली प्रॉम्टर' बन चुके हैं। बीजेपी उन्हें जो लिखकर देती है, वह सिर्फ उतना ही बोलते हैं। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी में किसी भी तरह की टूट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
राम मंदिर और चंदा चोरी पर साधा निशाना
प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर भी बीजेपी और ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे 'राम मंदिर चंदा चोरी' का नाम देते हुए कहा कि इस पूरे खेल के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसे बीजेपी का पूरा संरक्षण हासिल है। उन्होंने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को महज एक 'सेटमेंट इन्वेस्टिगेशन टीम' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह टीम सच सामने लाने के बजाय मामले को दबाने और रफा-दफा करने का काम कर रही है।
चंपत राय की भूमिका पर उठाए बड़े सवाल
सपा नेता ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भी घेरे में लिया। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने भगवान राम का सारा माल चंपत कर दिया है। उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चंपत राय पाक-साफ हैं तो उन्हें पद से हटाया क्यों गया? और अगर हटाया गया है तो भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट के खिलाफ अब तक मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया? उन्होंने मांग की कि इस पूरे घोटाले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।