चंदौली के सभी थानों में स्थापित हुए 'मिशन शक्ति' केंद्र, देखें थानों की तस्वीरें
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नवरात्रि में विशेष कार्यक्रम: भारतीय संस्कृति में मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खास पहल

सभी थानों में 'मिशन शक्ति' केंद्र स्थापित

प्रदेश के सभी 1,647 थानों में बनाए गए हैं सेंटर

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चंदौली जिले के सभी थानों में 'मिशन शक्ति' केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। तस्वीरों में देख सकते हैं कि किस तरह से थानों के केन्द्र सजाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने 20 सितंबर, 2025 को प्रदेशव्यापी 'मिशन शक्ति-5.0' चरण का वर्चुअल शुभारंभ किया था, जिसके बाद प्रदेश के सभी 1,647 थानों में ऐसे केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे।

पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चंदौली में भी इन निर्देशों का पालन किया गया है। इन केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मी 24 घंटे, सातों दिन मौजूद रहेंगी, ताकि महिलाएं और बालिकाएं बेझिझक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। ये पुलिसकर्मी उनकी समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगी।

'मिशन शक्ति' केंद्रों की स्थापना से पुलिस और महिलाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे उन्हें सुरक्षित महसूस करने और न्याय पाने में मदद मिलेगी। पुलिस अधीक्षक ने मिशन शक्ति अभियान के संबंध में कुछ प्रमुख निर्देश दिए हैं:---

जागरूकता अभियान: थानों की एंटी-रोमियो टीमें चौपाल और 'पुलिस की पाठशाला' लगाकर नारी सुरक्षा, नारी स्वावलंबन और नारी सम्मान के लिए विशेष अभियान चलाएंगी।

गश्त और चेकिंग: एंटी-रोमियो टीमें बस अड्डों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, मंदिरों, शॉपिंग मॉल, स्कूल, कॉलेजों और अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों में गश्त करेंगी। वे महिलाओं और लड़कियों से बात करके उन्हें आत्मरक्षा के तरीकों और अपनी सुरक्षा के बारे में जानकारी देंगी।

हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार: साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, जैसे 1090 (वीमेन पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा), आदि के बारे में 'पुलिस की पाठशाला' के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी।

नवरात्रि में विशेष कार्यक्रम: भारतीय संस्कृति में मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए, 'मिशन शक्ति' के पाँचवें चरण में नवरात्रि के दौरान (22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक) विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ाना है।

बच्चों को जागरूक करना: स्कूलों में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के नेतृत्व में बाल अधिकार, घरेलू हिंसा, यौन शोषण, छेड़छाड़ और 'गुड टच-बैड टच' जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बच्चों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही, रैलियों और रोचक गतिविधियों के माध्यम से बाल विवाह के खतरों और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।