MLC चुनाव: सांसद साधना सिंह ने किया बूथों का निरीक्षण, दोनों सीटों पर बड़ी जीत का किया दावा

 

चंदौली में वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 12 बजे तक शिक्षक वर्ग में भारी उत्साह देखा गया।

 
 


अश्विनी मिश्राSummary Highlights 

चंदौली में एमएलसी चुनाव के लिए वोटिंग

दोपहर 12 बजे तक का मतदान प्रतिशत

सांसद साधना सिंह ने किया निरीक्षण

भाजपा प्रत्याशियों की जीत का दावा

सुरक्षा के लिए जोन और सेक्टर तय

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के तहत वाराणसी खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र 2026 के लिए चंदौली जिले में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। जिले के कुल 10 मतदान केंद्रों और 36 मतदान स्थलों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो गई थी, जो शाम 4 बजे तक चलेगी। हालांकि शुरुआत में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पहुंच रहे हैं।

सांसद साधना सिंह ने किया कई बूथों का औचक निरीक्षण
चुनावी गहमागहमी के बीच भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए जनप्रतिनिधि और नेता पूरी ताकत झोंकते नजर आए। राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने सकलडीहा ब्लॉक के बूथ समेत कई अन्य मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की भारी मतों से जीत का दावा किया है।

दोपहर 12 बजे तक सामने आया मतदान का आंकड़ा
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआत में मतदान का प्रतिशत काफी धीमा रहा। सुबह 10:00 बजे तक खंड स्नातक चुनाव में मात्र 5.59% और खंड शिक्षक चुनाव में 12.43% वोटिंग दर्ज की गई थी। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक स्थिति में सुधार हुआ और मतदान प्रतिशत बढ़कर स्नातक खंड में 15.16% तथा शिक्षक खंड में 38.97% तक पहुंच गया, जिससे शिक्षक मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया।

सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और प्रशासनिक निगरानी
निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे चुनावी क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 5 जोन और 10 सेक्टरों में बांटा गया है। च चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। कुल 27,196 स्नातक और 3,015 शिक्षक मतदाता अपने विवेक से अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर रहे हैं।